Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

September 3, 2026

नेपाल त्रासदी के पीड़ितों की सहायता के लिए देहरादून के नागरिकों ने बढ़ाया सहयोग का हाथ, एकत्र किए छह लाख रुपये

पडोसी देश नेपाल में हाल ही में हुई भीषण त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति श्रद्धांजलि एवं शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करने तथा प्रभावित लोगों की सहायता के उद्देश्य से देहरादून में उत्तरांचल प्रेस क्लब के निकट उज्ज्वल रेस्टोरेंट में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में नेपाल की वर्तमान स्थिति, प्रभावित परिवारों की आवश्यकताओं तथा उत्तराखंड सहित भारत के पर्वतीय क्षेत्रों में ऐसी प्राकृतिक आपदाओं के संभावित प्रभावों पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

बैठक में उपस्थित लोगों ने नेपाल त्रासदी में दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए दो मिनट का मॉन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। वक्ताओं ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में मानवीय संवेदनाओं और आपसी सहयोग की सबसे अधिक आवश्यकता है। भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराने सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक संबंध हैं। ऐसे कठिन समय में नेपाल के नागरिकों के साथ खड़ा होना हमारी मानवीय जिम्मेदारी है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

बैठक में देहरादून के गोरखली सुधार सभा अध्यक्ष पदम सिंह थापा ने अब तक नेपाल के पीड़ितों की सहायता के लिए एकत्रित की गई राशि का विस्तृत ब्योरा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि विभिन्न सहयोगियों एवं नागरिकों के माध्यम से अब तक लगभग छह लाख रुपये की सहायता राशि एकत्रित हो चुकी है। बैठक में इस सहयोग के लिए सभी दानदाताओं एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया तथा निर्णय लिया गया कि जरूरत के अनुसार सहायता अभियान को आगे भी जारी रखा जाएगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि एकत्रित सहायता राशि का उपयोग पारदर्शी एवं उचित तरीके से किया जाए और वास्तविक रूप से प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने के लिए विश्वसनीय माध्यम एवं स्थानीय स्तर पर समन्वय स्थापित किया जाए। साथ ही भविष्य में राहत सामग्री, चिकित्सा सहायता, आवश्यक वस्तुओं तथा अन्य मानवीय सहायता उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। बैठक में देहरादून के गोर्खाली समाज के प्रतिनिधियों की भागीदारी को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया गया। उपस्थित नागरिकों ने कहा कि यह प्रयास किसी एक संस्था या संगठन तक सीमित नहीं है, बल्कि देहरादून के जागरूक एवं संवेदनशील नागरिकों का सामूहिक मानवीय प्रयास है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

बैठक में यह भी कहा गया कि नेपाल की त्रासदी हमें उत्तराखंड सहित अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में आपदा प्रबंधन, पूर्व चेतावनी प्रणाली, सुरक्षित निर्माण, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान और स्थानीय स्तर पर त्वरित राहत व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता का संदेश देती है। अंत में सभी नागरिकों से अपील की गई कि वे अपनी सामर्थ्य के अनुसार नेपाल के पीड़ितों की सहायता में योगदान दें और इस मानवीय अभियान को मजबूत बनाएं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

वक्ताओं ने कहा कि दुःख की इस घड़ी में नेपाल के साथ खड़े होना ही सच्ची मानवता है। आइए, सहायता, संवेदना और एकजुटता के साथ आगे बढ़ें। इस बैठक में समाजसेवी अनूप नौटियाल, महिला मंच की संयोजक कमला पंत, ऋतु चटर्जी, प्रदीप कुकरेती, परमजीत ककड़, रणबीर चौधरी, डॉ राकेश कपूर, तारा चंद गुप्ता, अमर सिंह धुनता, शेर सिंह थापली, आरती जैन, आशा लाल, फ्लोरेंस, दिनेश भंडारी, निर्मला बिष्ट आदि उपस्थित थे। संचालन जगमोहन मेंदीरत्ता ने किया।
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो। यदि आप अपनी पसंद की खबर शेयर करोगे तो ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी। बस इतना ख्याल रखिए।

Bhanu Bangwal

लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं।
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।