Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

September 8, 2026

3500 शो और 25 लाख दर्शक, भारतीय कला से ग्लोबल शो तक एनएमएसीसी बना बड़ा सांस्कृतिक मंच

भारतीय कला और दुनिया के बड़े सांस्कृतिक शो को एक मंच पर लाने की कोशिश ने तीन साल में बड़ा आकार ले लिया है। मार्च 2023 में शुरू हुए नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर यानी NMACC में अब तक 3,500 से ज्यादा शो हो चुके हैं, करीब 25 लाख लोग पहुंच चुके हैं और 10,500 से ज्यादा कलाकार 15 से अधिक भाषाओं में अपनी कला पेश कर चुके हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

NMACC के मंच पर भारतीय कहानियों को भी बड़े प्रोडक्शन और आधुनिक तकनीक के साथ पेश किया गया। मुगल-ए-आजम: द म्यूजिकल, राजाधिराज: लव. लाइफ. लीला और NMACC की अपनी प्रस्तुति द ग्रेट इंडियन म्यूजिकल: सिविलाइजेशन टू नेशन इसके बड़े उदाहरण हैं। वहीं स्टूडियो थिएटर और द क्यूब में हिंदी, गुजराती, मराठी और बंगाली समेत कई भाषाओं में थिएटर, संगीत, कॉमेडी और डांस के छोटे और प्रयोगधर्मी कार्यक्रम भी होते रहे हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

दूसरी ओर भारतीय दर्शकों को दुनिया के बड़े मंचों की चर्चित प्रस्तुतियां मुंबई में देखने को मिलीं। द साउंड ऑफ म्यूजिक, वेस्ट साइड स्टोरी, MAMMA MIA!, द फैंटम ऑफ द ओपेरा और Wicked जैसे अंतरराष्ट्रीय शो NMACC पहुंचे। यही वह सोच है जिसे NMACC की संस्थापक नीता अंबानी ने शुरुआत में इस तरह रखा था। भारत का सर्वश्रेष्ठ दुनिया को दिखाना और दुनिया का सर्वश्रेष्ठ भारत लाना। संस्कृति के इस बड़े पैमाने के पीछे इंफ्रास्ट्रक्चर भी अहम है। NMACC में 2,000 सीट का ग्रैंड थिएटर, 198 सीट का स्टूडियो थिएटर, 80 सीट का द क्यूब और चार मंजिला आर्ट हाउस है। यानी बड़े म्यूजिकल और थिएटर से लेकर छोटे प्रयोगों और विजुअल आर्ट तक, अलग-अलग तरह की प्रस्तुतियों के लिए सालभर इस्तेमाल होने वाले अलग मंच मौजूद हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

कला यहां सिर्फ थिएटर या गैलरी की दीवारों तक सीमित नहीं है। सेंटर के सार्वजनिक हिस्सों में 56 फुट का कमल कुंज, घुंघरुओं से बनाई गई मुंबई की स्काईलाइन और जापानी कलाकार यायोई कुसामा की ‘Clouds’ जैसी कलाकृतियां भी हैं। इसके साथ रिलायंस फाउंडेशन का स्वदेश भारतीय कारीगरी और पारंपरिक शिल्प को सामने लाता है। इस तरह आधुनिक और वैश्विक कला के बीच भारतीय शिल्प की अपनी जगह बनी रहती है। NMACC की पहुंच अब मुंबई से बाहर भी बढ़ रही है। 61वें वेनिस बिएनाले में इंडिया पवेलियन की प्रस्तुति में उसकी भागीदारी भारत की कला को वैश्विक मंच तक ले जाने की इसी दिशा का हिस्सा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

चौथे साल में द ग्रेट इंडियन म्यूजिकल की वापसी, Chicago और ऑस्कर-नामांकित संगीतकार मैक्स रिक्टर की भारत में पहली प्रस्तुति भी प्रस्तावित है। तीन साल के ये आंकड़े केवल कार्यक्रमों की संख्या नहीं बताते। वे यह भी दिखाते हैं कि भारत में कला और संस्कृति के लिए अब ऐसा स्थायी मंच तैयार हुआ है, जहां भारतीय परंपरा, नई कला और दुनिया की बड़ी प्रस्तुतियां एक ही सांस्कृतिक छत के नीचे जगह पा रही हैं।
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो। यदि आप अपनी पसंद की खबर शेयर करोगे तो ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी। बस इतना ख्याल रखिए।

Bhanu Bangwal

लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं।
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।