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September 8, 2026

ग्राफिक एरा के 34वें स्थापना दिवस पर 585 शिक्षक व कर्मचारी सम्मानित, हर सफलता के बाद गहराती हैं चुनौतियां: डॉ कमल

ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन प्रो. (डॉ.) कमल घनशाला ने कहा कि विकास की राह में मुश्किलों का आना स्वाभाविक है। जैसे-जैसे हम आगे बढ़ते हैं, चुनौतियां भी बड़ी होती जाती हैं। अक्सर लोग यह सोचते हैं कि मंजिल मिलने पर आगे का सफर आसान हो जाएगा, लेकिन ऐसा होता नहीं है। डॉ घनशाला ग्राफिक एरा के 34वें स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इस समारोह में ग्राफिक एरा से 10 से लेकर 30 वर्षों से जुड़े 585 शिक्षकों और कार्मिकों को सम्मानित किया गया। स्थापना दिवस पर दोनों विश्वविद्यालयों में आज सुबह से उत्सव का माहौल रहा। समारोह की श्रृंखला का आगाज देहरादून स्थित ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में आयोजित समारोह से हुआ। इस समारोह में चेयरमैन डॉ कमल घनशाला और वाइस चेयरपर्सन डॉ राखी घनशाला ने केक काटा। इसके साथ ही कर्मचारियों को 10 से 30 वर्ष तक की सेवा पर सम्मानित किया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

स्थापना दिवस का मुख्य समारोह देर शाम सिल्वर जुबली कन्वेंशन सेंटर में हुआ। समारोह में संस्थापक अध्यक्ष डॉ कमल घनशाला और वाइस चेयरपर्सन डॉ राखी घनशाला ने ग्राफिक एरा के मुख्य संरक्षक इंजीनियर आर सी घनशाला और ग्राफिक एरा एजुकेशनल सोसायटी की अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी घनशाला का अभिनंदन किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

इस मौके पर अध्यक्ष डॉ कमल घनशाला ने ग्राफिक एरा की 33 वर्षों की यात्रा को याद करते हुए कहा कि यह सफर उपलब्धियों से कहीं बढ़कर उन लोगों की मेहनत, समर्पण और अटूट विश्वास की कहानी है, जो हर दौर में संस्थान के साथ मजबूती से खड़े रहे। उनके निरंतर सहयोग ने ग्राफिक एरा की यात्रा को नई दिशा और ऊंचाई दी। आज की पहचान के पीछे अनगिनत लोगों की वर्षों की मेहनत और उस विश्वास की ताकत है, जिसने हर चुनौती के बीच संस्थान को आगे बढ़ाया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने कहा कि हर सफलता के बाद पहले से बड़ी और अलग तरह की चुनौतियां सामने आती हैं। ऐसे में हमें अपनी क्षमताओं का विस्तार करते हुए नई चुनौतियों के लिए तैयार रहना होगा। हर वर्ष लोगों की अपेक्षाएं और हमारी जिम्मेदारियां बढ़ रही हैं। डॉ घनशाला ने कहा कि जेन-जी की सीखने की क्षमता पिछली पीढ़ी से अधिक है और उनके पास अपेक्षाकृत अधिक सूचनाएं रहती हैं। जेन- जी को समझने के लिए शिक्षकों को उनके स्तर तक पहुंचकर उनकी सोच, अपेक्षाओं और समस्याओं को समझना जरूरी है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

समारोह में शिक्षक-शिक्षिकाओं और ग्राफिक एरा के पदाधिकारियों ने अपनी सांस्कृतिक प्रतिभा का बाखूबी अहसास कराया। शाम को और यादगार बनाते हुए चेयरमैन डॉ कमल घनशाला ने अपनी मशहूर गीत “जब कोई बात बिगड़ जाए, जब कोई मुश्किल पड़ जाए, तुम देना साथ मेरा…” सुनाकर लोगों को मंत्र मुग्ध कर दिया। उनके गीतों के दौरान सैकड़ों शिक्षकों और छात्र छात्राओं ने मोबाइल की टॉर्च जलाकर अपनी खुशी जाहिर की। इस दौरान पूरा हॉल सितारों जैसी रोशनी से जगमगाने लगा। उन्होंने फरमाइशों पर “ पापा कहते हैं बड़ा नाम करेगा, बेटा हमारा ऐसा काम करेगा, मगर ये कोई ना जाने कि मेरी मंजिल है कहां छेड़ा…” समेत कई गाने सुनाकर वाहवाही लूटी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

मंच पर एक के बाद एक शानदार रंग देखने को मिले। ढोल की थाप पर कुलपति प्रो. (डॉ.) नरपिंदर सिंह ने भांगड़े के कदम मिलाए, तो तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा सभागार गूंज उठा। डीन डॉ डी आर गंगोडकर का मराठी गीत पर नृत्य, हिल यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. विशाल सागर की गजल, डॉ. जिगिशा आनंद के कथक और शिवानी पांडे के भरतनाट्यम को भी बहुत पसंद किया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

गायत्री सेमवाल एंड टीम के गढ़वाली लोकनृत्य, अभिषेक गुप्ता की टीम के रोचक नृत्य और प्रो-चांसलर डॉ राकेश शर्मा के हरियाणा की शिक्षा से जुड़े दिलचस्प किस्तों ने इस शाम को एक सुहावनी यादगार बना दिया। साहिब सबलोक के गीत, राहुल केसरी के नृत्य ने माहौल में और रफ्तार भरी, ईशा और जूही देशमुख की जोड़ी ने मंच पर अपनी छाप छोड़ी और निखिल वर्मा की बाँसुरी की तान ने पूरे माहौल को सुरों से भर दिया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

समारोह में अरविंद पुजारी, अनिल कुमार चौहान, डॉ मोहन्तेश, अमरीश शर्मा, डॉ मनीष कुमार बिष्ट, सुशील चंद्र डिमरी, नवनीत रतूड़ी, दीपक सिंह राणा, अनिल धस्माना ,डा. अजय शर्मा, हरीश शर्मा, डॉ. डी.आर. गंगोडकर, डॉ हिमांशु गोयल, डा. प्रतिभा नैथानी , डा.नेहा त्रिपाठी, अमर डबराल, सुबोध पुण्डीर, साहिब सबलोक, प्रवीण सिंह , सीए प्रीति शर्मा, देवेंद्र सिंह समेत 585 शिक्षकों और अन्य कार्मिकों को सम्मानित किया गया। इनमें 30 वर्ष से अधिक सेवा करने वालों से लेकर 10 वर्ष से अधिक समय से कार्यरत लोग शामिल हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

समारोह में ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी की प्रभारी कुलपति डा. तबस्सुम नकवी, ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के कुलसचिव डॉ नरेश कुमार शर्मा, प्रो-वीसी डॉ संतोष एस. सर्राफ, भीमताल परिसर के निदेशक कर्नल अनिल नायर और अन्य पदाधिकारी और शिक्षक शिक्षिकाएं मौजूद रहे।
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Bhanu Bangwal

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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।