Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

August 19, 2026

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने की बड़ी घोषणा, गैरसैंण में बनाया जाएगा राज्य का तीसरा मंडल

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह ने पिछले बजट सत्र की तरह इस बार भी बजट सत्र में बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में तीसरी कमिश्नरी बनाई जाएगी।


उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह ने पिछले बजट सत्र की तरह इस बार भी बजट सत्र में बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में तीसरी कमिश्नरी बनाई जाएगी। ये मंडल इसका कार्यालय गैरसैंण में होगा। इस मंडल में चमोली, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा और बागेश्वर जिलों को शामिल किया जाएगा।
पिछले साल भी बजट सत्र में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने की घोषणा की थी। हालांकि उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संगठन इसे स्थायी राजधानी बनाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि ग्रीष्मकालीन राजधानी से पहाड़ों का विकास संभव नहीं होगा। जब तक पहाड़ों से ही राज्य की व्यवस्था संचालित नहीं होगी, तब तक विकास की बात बेमानी होगी। ग्रीष्मकालीन राजधानी के नाम पर नेता, अधिकारी सिर्फ पिकनिक मनाएंगे।
आज फिर मुख्यमंत्री ने गैरसैंण को राज्य का तीसरा मंडल बनाने की घोषणा की। इस समय तक उत्तराखंड में दो मंडल थे। इनमें गढ़वाल और कुमाऊं मंडल हैं। अब तीसरे मंडल से पर्वतीय क्षेत्र में विकास की गति कुछ तेज होने की संभावना है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने चमोली जिले के भराड़ीसैंण राजधानी क्षेत्र के विकास के लिए एक माह में टाउन प्लानर की नियुक्ति के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा भी की। साथ ही नई बनाई गई नगर पंचायतों की स्थापना के लिए मुख्यमंत्री ने एक-एक करोड़ की धनराशि की घोषणा भी की।

सीएम की घोषणाएं

-गैरसैंण को उत्तराखण्ड में एक नई कमिश्नरी बनाया जायेगा। इसमें चमोली, रूद्रप्रयाग, अल्मोड़ा और बागेश्वर जिलों को शामिल किया जायेगा। गैरसैंण कमिश्नरी में कमिश्नर एवं डीआईजी की नियुक्ति की जायेगी।
-नई बनाई गई नगर पंचायतों में इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए 01-01 करोड़ रूपये दिये जायेंगे।
-भराड़ीसैंण (गैरसैंण) ग्रीष्मकालीन राजधानी क्षेत्र के नियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान का टेंडर एक माह के भीतर किया जाएगा।
-गैरसैंण ग्रीष्माकालीन राजधानी परिक्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण इकाई की स्थापना की जायेगी।
-गैरसैंण ग्रीष्माकालीन राजधानी परिक्षेत्र में 20 हजार फलदार पेड़ लगाये जायेंगे।
-राज्य के प्रत्येक महाविद्यालयों को 20-20 कम्यूटर दिये जायेंगे।