हाथ, मुंह और आंख में मिर्ची से लगने वाली जलन को रोकने के लिए करें ये घरेलू उपाय, मिलेगा जल्द आराम
मिर्च जितनी तीखी होती है, इसे स्वाद के रूप में उसे उतना ही बेहतर माना जाता है। अमूमन लोग सब्जी, दाल में मिर्ची के प्रयोग करने के साथ ही सलाद में के साथ ही हरी मिर्च का उपयोग करते हैं। या फिर लाल मिर्च को तलकर भी खाते हैं। मिर्च किसी भी खाने को चटपटा बनाने का काम करती है। हरी मिर्च में ‘कैप्साइसिन’ नाम का एक कंपाउंड होता है, जो मिर्च को उसका तीखापन देता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
सेहत के लिए भी मिर्च का कमाल
किचन में मौजूद मिर्च को न सिर्फ खाने के स्वाद को बढ़ाने बल्कि, सेहत के लिए भी कमाल मानी जाती है। क्योंकि इसमें विटामिन ए, विटामिन सी विटामिन के साथ ही फाइबर, पोटैशियम, आयरन और कॉपर जैसे गुण पाए जाते हैं, जो शरीर को कई समस्याओं से बचाने में मदद कर सकते हैं। वहीं हरी मिर्च को काटते समय अक्सर हाथ में जलन शुरू हो जाती है। इसी तरह कई बार आंख में भी मिर्च की जलन होने लगती है। कई बार मिर्च ऐसी तीखी होती है कि भोजन करने के दौरान लगता है कि मुंह में छाले पड़ गए हैं। अगर आप भी इस परेशानी को दूर करना चाहते हैं, तो इन घरेलू उपाय को अपना सकते हैं। इसके पहले जान लें आखिर मिर्च काटने के बाद ऐसा होता क्यों है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इसलिए होती है जलन
चिली मिर्च काटने के बाद होने वाली जलन त्वचा को कोट करने वाले तेलों से आती है और इसे धोना बहुत मुश्किल होता है। साबुन और पानी अकेले इसमें फायदा नहीं कर पाते हैं। मिर्च में कैप्साइसिन नामक केमिकल पाया जाता है। जो किसी मिर्च में कम तो किसी में ज्यादा हो सकती है। ऐसे में जब मिर्च को काटते हैं, तो यह केमिकल स्किन के संपर्क में आता है। इस वजह से हाथों में जलन होने लगती है, लेकिन यह कोई गंभीर समस्या नहीं है। कुछ ही घंटों से यह खुद से ठीक भी हो जाता है। कई बार मिर्च वाले हाथ आंख के आसपास लग जाते हैं, तो फिर परेशानी बढ़ जाती है। ऐसे में पहले हाथ की जलन को कम करने के तरीके जान लीजिए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
दही, घी या दूध का करें इस्तेमाल
मिर्च को काटने के बाद हाथों में होने वाली जलन दूर करने के लिए हाथों में ठंडा दूध, घी, मक्खन या फिर दही भी लगा सकते हैं। इनमें से जिस भी चीज का इस्तेमाल कर रहे हैं, उसे कम से कम दो मिनट तक लगाकर रखें। उसके बाद पानी से धो लें। काफी हद तक समस्या दूर हो जाएगी। अगर आप भी मिर्च काटने के बाद होने वाली जलन से पहले ही बचना चाहते हैं, तो मिर्च को काटने से पहले हाथ में घी लगा लें। क्योंकि घी एक परत बना देता है, जिससे कैप्साइसिन सीधे स्किन के संपर्क में नहीं आ पाता है और जलन से बचा जा सकता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
ठंडा पानी जलन रोकने में मददगार
मिर्च से होने वाली जलन को कम करने के लिए आप हाथों को ठंडे पानी में डुबोएं। चाहें तो ठंडे पानी में थोड़ा सा नमक या सिरका भी मिला सकते हैं। इससे हाथ में होने वाली जलन को कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही आप आइस क्यूब का भी सहारा ले सकते हो। बर्फ से हाथों की मसाज करें। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
शहद का कमाल
शहद भी छोटी-मोटी चोट ठीक करने और जलन दूर करने में बेहद फायदेमंद होता है। मिर्च काटने के बाद हाथों में होने वाली तेज जलन को दूर करने के लिए हाथों में शहद लगा सकते हैं। शहद का टेक्सचर ऐसा होता है कि इसे हाथों पर लगाना मुमकिन नहीं, तो इसमें आप थोड़ी मात्रा में नींबू का रस मिलाकर लगाएं।
कैंची का उपयोग
अगर आपको मिर्च काटने से जलन होती है तो आप हरी मिर्च को कैंची की मदद से काट सकते हैं। इससे मिर्च सीधे हाथ के संपर्क में नहीं आएगी और जलन से बच सकते हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
डिश साबुन या हैंड ग्रीस क्लीनर
अपने हाथों को डिश सोप या हैंड डीज़रेज़र से धोएं। दोनों में नियमित हाथ साबुन के ऊपर और बाहर तेल-घुलनशील गुण होते हैं।
कॉर्न स्टार्च में भिगोएँ
स्टार्च तेल को त्वचा से बाहर निकालता है और इसे बेअसर करने में मदद कर सकता है।
सिरका
अपने हाथों को सिरके से रगड़ें, जो एक एसिड है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
मुंह में की जलन को ऐसे करें कम
डेयरी उत्पाद का आप उपयोग कर सकते हैं। जो गर्मी को कम करने का काम करता है। दूध, दही, और खट्टा क्रीम अम्लीय होते हैं। डेयरी उत्पादों में पाए जाने वाले वसा में कैपेसिकिन भी आसानी से घुल जाता है। कैप्सैसिन और डेयरी वसा एक साथ मिश्रित होते हैं, कैप्साइसिन के कुछ अणुओं को आपकी जीभ पर दर्द रिसेप्टर्स खोजने से रोकते हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
याद रखें, वसा राहत प्रदान करता है, इसलिए कम वसा वाली खट्टा क्रीम या नॉनफ़ैट योगर्ट उतना प्रभावी नहीं होगा। यह एंटीडोट मैक्सिकन भोजन के साथ खट्टा क्रीम के उपयोग से लेकर भारतीय भोजन के साथ खाए जाने वाले दही मसालों तक, कई मसालेदार व्यंजनों को टोन करता है। थाई व्यंजनों में, समृद्ध नारियल का दूध समान उद्देश्य रखता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
अमलीय खाद्य और पेय
टमाटर का रस पीना या ताजा नींबू, चूना, अनानास, या एवोकैडो खाने से भी मुंह की जलन कम होती है। क्योंकि वे सभी अलीय खाद्य पदार्थ हैं जो क्षारीय कैप्सैसिनोइड की कुछ गतिविधि को बेअसर कर सकते हैं।
चीनी या शहद
जलन रोकने के लिए चीनी मदद करती है। वहीं, इसके लिए शहद को भी बेहतर माना जाता है।
नोटः इस लेख में दी जानकारी मात्र प्राथमिक घरेलू उपाय हैं। ज्यादा परेशानी होने पर चिकित्सक के पास जाएं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
आपकी आँखों में जलन
आंख में मिर्च लगने पर सबसे पहले अपनी आंखों को बिल्कुल न रगड़ें। अपनी हथेलियों या साफ पानी से आंखों पर छींटे मारकर उन्हें कम से कम 15-20 मिनट तक लगातार धोएं। ऐसा करने से मिर्च का असर (कैप्साइसिन) कम हो जाएगा।
आंखों को न रगड़ें
आंखों को रगड़ने से मिर्च के कण आंखों के अंदरूनी हिस्सों में फैल सकते हैं और कॉर्निया (cornea) को नुकसान पहुंच सकता है।
पानी के छींटे मारें
साफ और ठंडे पानी की मदद से आंखों को धोएं। नल के नीचे आंखें करके धीरे-धीरे पानी के छींटे मारें और पलकों को झपकाते रहें ताकि मिर्च और आंसू बाहर निकल सकें।
दूध का उपयोग
यदि ठंडे पानी से आराम न मिले, तो साफ और ठंडे दूध से आंखों को धोना भी एक प्रभावी उपाय है। दूध मिर्च के तीखेपन (ऑयल) को बेअसर करने में मदद करता है।
आंखों को ढके नहीं
पानी से धोने के बाद आंखों को किसी साफ कपड़े या पट्टी से कसकर न बांधें। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
अन्य ध्यान रखने योग्य बातें
साबुन से हाथ धोएं: मिर्च के संपर्क में आने के बाद आंखों को छूने से पहले अपने हाथों को साबुन से अच्छी तरह धो लें।
कॉन्टेक्ट लेंस हटाएं: यदि आप कॉन्टैक्ट लेंस पहनते हैं, तो पानी से धोने से पहले फौरन अपने हाथ धोकर लेंस को बाहर निकाल दें।
डॉक्टर से मिलें
आंखों में मिर्च जाना एक सामान्य समस्या है, लेकिन यदि मिर्च के पाउडर या स्प्रे के कारण गंभीर जलन हो, तो समस्या बढ़ सकती है। यदि पानी और अन्य उपायों से 1-2 घंटे में राहत न मिले, या धुंधलापन, अत्यधिक लालिमा और दर्द की समस्या बनी रहे, तो बिना देर किए किसी नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करें।
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो। यदि आप अपनी पसंद की खबर शेयर करोगे तो ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी। बस इतना ख्याल रखिए।

Bhanu Bangwal
लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं।
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।


