लोकसाक्ष्य का तीन साल का सफर, 37 लाख से ज्यादा पाठक, 98 लाख से अधिक पेज व्यूज
नमस्कार। लोकसाक्ष्य वेब न्यूज पोर्टल ने तीन साल का सफर 17 अक्टूबर 2023 को पूरा कर लिया। इस दौरान इस पोर्टल को पाठकों का इतना प्यार और सहयोग मिला कि मैं सभी का दिल से आभार व्यक्त करता हूं। 17 अक्टूबर 2020 में मैने पहले नवरात्र के दिन से इस पोर्टल की शुरुआत की थी। ये सफर तब हर दिन सौ- दो सौ पाठकों से आरंभ हुआ और तीन साल का तय करते करते पाठकों की संख्या अब लाखों में पहुंच गई है। हमने उत्तराखंड की खबरों के साथ ही विज्ञान व अन्य रोचक खबरें इसमें प्राथमिकता से प्रकाशित की। साथ ही साहित्य लेखन में कविता, लेख आदि से संबंधित सामग्री भेजने वालों को भी निराश नहीं किया। क्योंकि हमने पहले ही कहा था कि ये पोर्टल पाठकों का अपना पोर्टल है। इसे पाठकों के सहयोग से ही चलाया जाएगा। (जारी, अगले पैरे में देखिए)
मेरा नाम भानु बंगवाल है। मैं देहरादून में रहता हूं। पत्रकारिता करते हुए अब मुझे करीब 33 साल हो गए हैं। स्थानीय समाचार पत्रों के साथ ही मैं 10 साल से ज्यादा अमर उजाला और 16 साल दैनिक जागरण में काम कर चुका हूं। वर्ष 2020 में मैने उत्तराखंड डिजीटल हेड के पद से दैनिक जागरण से इस्तीफा दिया और अपना वेब न्यूज पोर्टल ‘लोकसाक्ष्य’ आरंभ किया। इसमें उत्तराखंड की खबरों के साथ ही देश व विदेश की बड़ी खबरों पर फोकस है। साथ ही प्रयास ये है कि समाचार उसी दिन का हो। (जारी, अगले पैरे में देखिए)
अब यदि हम तीन साल के सफर की बात करें तो 17 अक्टूबर 2020 से लेकर 16 अक्टूबर तक हमसे 3,703,546 (सैंतीस लाख) यूजर्स जुड़े। इस दौरान खबरों को 9,842,632 पेज व्यूज मिले। यानि कि खबरों को 9,842,632 बार पढ़ा गया। हम यदि पेज व्यूज की बात करें तो कई ऐसे भी सुखद दिन आए, जब एक ही दिन में एक लाख से ज्यादा खबरें पढ़ी गईं। यदि हम पाठकों की बात करें तो 3,703,546 पाठकों में 3641203 पाठक उत्तराखंड सहित भारत के विभिन्न कोनों से रहे। वहीं, 62243 पाठक विदेशों से रहे। इनमें सर्वाधिक 29,115 पाठक यूएस के हैं। दूसरे नंबर पर नेपाल और तीसरे नंबर पर यूनाइटेड अरब अमिरात के पाठक हैं। (जारी, अगले पैरे में देखिए)
हमारा प्रयास रहता है कि हम पाठकों को रोचक जानकारी और विज्ञान से संबंधित खबरो को भी पढ़ाएं। जिससे आपकी जानकारी और मजबूत हो। साथ ही ऐसी जानकारी से आप अन्य लोगों को भी अवगत कराएं, ताकि हमें भी आपकी ओर से सहयोग मिलता रहे। आपको एक और जानकारी देनी है कि जब भी आप कोई खबर पढ़ते हैं, तो हमें गूल के विज्ञापन के जरिये इतना राजस्व मिल जाता है, जिससे हमारे पोर्टल के खर्चे पूरे हो सकें। ऐसे में आप हमें इसी तरह सहयोग देते रहिए। हम प्रयास करेंगे कि लोकसाक्ष्य अपने कंटेंट को और बेहतर बनाए। इसी साल हमने लोकसाक्ष्य का यू ट्यूब चैनल भी आरंभ किया है। उम्मीद है कि उससे भी आप जुड़ेंगे। इससे जुड़ने के लिए हर खबर में आप्शन है। पाठको का बहुत बहुत धन्यवाद। मैं…. भानु बंगवाल।
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो।

Bhanu Prakash
लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं।
भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।


