उत्तराखंड में बढ़ते महिलाओं के खिलाफ अपराधों में सरकार की चुप्पी गम्भीर चिंता का विषयः ज्योति रौतेला
उत्तराखंड प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने राज्य में बढ़ते महिला के खिलाफ अपराधों को लेकर सरकार की घेराबंदी की। साथ ही कहा कि इस मामले में सत्ताधारी पार्टी बीजेपी और सरकार की चुप्पी भी गंभीर चिंता का विषय है। ज्योति रौतेला ने ये बात देहरादून में प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकार वार्ता में कही। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिला अपराधों के बढ़ते आंकड़ों से आज पूरा उत्तराखंड राज्य शर्मिंदा है। बेटियों को लेकर सत्ता और संरक्षण का ऐसा गठजोड़ सामने आया है, जो न केवल हमारी संवेदनशीलता को झकझोरता है, बल्कि पूरे राज्य के न्याय और नैतिक ढांचे पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के शासन में राज्यभर में महिलाओं के साथ सामूहिक बलात्कार, हत्या और जघन्य अपराधों की बाढ़ सी आई है। उत्तराखंड में औसतन प्रति माह एक बलात्कार और हत्या की घटना घटित हो रही है।(खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
ज्योति रौतेला ने कहा कि भाजपा की पूर्व महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष पर गंभीर आरोप हैं कि उन्होंने अपनी नाबालिग बेटी को अपने प्रेमी और उसके साथी के साथ बार-बार दुष्कर्म के लिए मजबूर किया। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह घटनाएं हरिद्वार, आगरा, वृंदावन जैसे कई स्थानों पर हुईं। इससे बडी शर्म की बात और क्या हो सकती है कि उक्त आरोपी महिला को योगा दिवस के अवसर पर सरकार की ओर से सम्मानित किया जाता है। इससे यह भी स्पष्ट हो गया है कि उसे जेल में वीआईपी सुविधायें दी जा रही हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि यह बात आरोपी महिला की सोशल मीडिया में वायरल ऑडियो क्ल्पिंग से भी साबित हो गया है, जिसकी जांच की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि क्या जेल प्रशासन सभी कैदियों को इसी प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराता है कि वे अपने घर पर बात कर सकें? (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
ज्योति रौतेला ने यह भी कहा कि एक ओर भाजपा यूसीसी कानून का गाना गा रही है, वहीं उसी की पार्टी के पूर्व विधायक सुरेश राठौर प्रकरण ने भाजपा के झूठ और नैतिकता की पोल खोल कर रख दी है। उन्होंने कहा कि भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की ओर से यूसीसी कानून की खुलेआम अवमानना की गई। साथ ही महिला के सामाजिक सम्मान के साथ राजनीतिक खिलवाड़ किया। इस पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश नेतृत्व ने महज नोटिस देने वाली कार्रवाई की। क्या यही भाजपा की पारिवारिक नैतिकता है? (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
ज्योति रौतेला ने कहा कि एनसीआरबी की एक रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड बेटियों के लिए असुरक्षित है। 2022 में एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तराखंड में महिलाओं से अपराध के 4,337 अपराध दर्ज हुए हैं। इनमें 867 रेप और 637 नाबालिग बच्चियों से रेप शामिल हैं। बावजूद इसके, भाजपा सरकार तथा राज्य का महिला आयोग और प्रशासन तीनों चुप हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं के कृत्य और पार्टी की चुप्पी, दोनों ही बेटियों के लिए खतरे का संकेत हैं। उन्होंने धामी सरकार के विगत तीन वर्ष के कार्यकाल में महिला अपराध की घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा देते हुए कहा कि राज्य में भय का वातावरण व्याप्त है तथा आमजन विशेषकर महिलाएं अपने को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा कि महिला अपराध की घटनाओं पर प्रदेश महिला कांग्रेस चुप नहीं बैठ सकती तथा लगातार इसके खिलाफ सडक से लेकर सदन तक आवाज उठाती रहेगी। पत्रकार वार्ता में महिला कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष नजमा खान, आशा मनोरमा डोबरियाल शर्मा, चन्द्रकला नेगी, जिलाध्यक्ष पूनम सिंह, प्रदेश महासचिव अनुराधा तिवारी, प्रदेश सचिव सुशीला शर्मा भी उपस्थित थीं।
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो।



