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August 11, 2026

कुंभ में फर्जी कोरोना टेस्ट घोटाला पहुंचा हाईकोर्ट, गिरफ्तारी पर रोक लगाने को दाखिल की अर्जी

हरिद्वार कुंभ के दौरान कोरोना जांच में फर्जीवाड़े का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। कोविड टेस्ट फर्जीवाड़े की आरोपी कंपनी मैक्स कॉर्पोरेट सर्विसेज ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर दी है।

हरिद्वार कुंभ के दौरान कोरोना जांच में फर्जीवाड़े का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। कोविड टेस्ट फर्जीवाड़े की आरोपी कंपनी मैक्स कॉर्पोरेट सर्विसेज ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर दी है। याचिका में एफआईआर को निरस्त करने करने की मांग करने के साथ ही गिरफ्तारी पर भी रोक लगाने की मांग की है। उल्लेखनीय है गुरुवार को सीएमओ हरिद्वार ने कोतवाली के कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जो आपदा प्रबंधन एक्ट के साथ 420,467,468,128 समेत अन्य धाराओं में था। इस मामले में अब हाईकोर्ट में सोमवार 21 जून को सुनवाई होगी।
ये है मामला
उत्तराखंड में हरिद्वार कुंभ के दौरान कोरोना टेस्टिंग में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया था। जांच में कम से कम एक लाख कोरोना टेस्ट फर्जी पाए गए। एक जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि उत्तराखंड सरकार की तरफ से कुंभ मेले के दौरान कराई जाने वाली कोरोना टेस्टिंग के लिए एक प्राइवेट एजेंसी ने इतनी बड़ी जांच में कम से कम एक लाख फर्जी रिपोर्ट जारी की थीं। हरिद्वार जिला प्रशासन ने अब उन आरोपों की जांच का आदेश दिया है, जिनमें कहा गया है हरिद्वार में कुंभ उत्सव के दौरान कोरोना टेस्टिंग करने के लिए काम करने वाली प्राइवेट लैब्स की ओर से नकली रिपोर्ट जारी की गई थीं।
बता दें कि हरिद्वार में 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक कुंभ उत्सव का आयोजन किया गया था। इस दौरान 22 प्राइवेट लैब्स की तरफ से लगभग 4 लाख कोरोना टेस्ट किए गए थे। फरीदकोट पंजाब निवासी एक व्यक्ति ने आइसीएमआर से कोरोना जांच में फर्जीवाड़े की शिकायत की थी। इस व्यक्ति के मोबाइल पर कोरोना जांच का संदेश पहुंचा था, जबकि उसकी कभी कोरोना जांच हुई ही नहीं।
राज्य के स्वास्थ्य सचिव अमित नेगी ने मामले की प्रारंभिक जांच कराई। कोविड-19 मामलों के चीफ कंट्रोलिंग आफिसर डा. अभिषेक त्रिपाठी के स्तर से की गई इस जांच में प्रथमदृष्टया शिकायत सही पाई गई। यही नहीं, उन्होंने एक लाख से अधिक कोरोना जांच में गड़बड़ी की आशंका जाहिर की है। डा. त्रिपाठी ने शासन को सौंपी अपनी रिपोर्ट में मामले को गंभीर बताते हुए इसकी विस्तृत जांच की सिफारिश की थी। इसके मद्देनजर स्वास्थ्य सचिव ने हरिद्वार के जिलाधिकारी को कुंभ मेला अवधि, इससे पहले और इसके बाद हुई कोरोना जांच की विस्तृत छानबीन के निर्देश दिए थे।
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