इलेक्ट्रिक बसों में कार्यरत चालकों के समर्थन में आया उत्तराखंड क्रांति दल
उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) महानगर देहरादून ने देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड (DSCL) के अंतर्गत संचालित इलेक्ट्रिक बसों में कार्यरत चालकों का समर्थन किया है। चालकों के मानसिक उत्पीड़न, भेदभावपूर्ण व्यवहार तथा मनमाने ढंग से सेवा समाप्त किए जाने के विरोध में देहरादून में उक्रांद ने प्रदर्शन किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
यूकेडी महानगर का कहना है कि संज्ञान में आया है कि देहरादून की यातायात व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले स्थानीय इलेक्ट्रिक बस चालकों को ठेका कंपनियों एवं संबंधित प्रबंधन की ओर से लगातार मानसिक दबाव और उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। ड्यूटी आवंटन और रूट निर्धारण में भेदभाव के आरोप सामने आए हैं। वहीं कई चालकों को बिना उचित पूर्व सूचना, स्पष्टीकरण और निष्पक्ष जांच के सेवा से हटाया जा रहा है। ऐसे में उनके सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उक्रांद के केंद्रीय महामंत्री राजेन्द्र बिष्ट ने कहा कि स्थानीय युवाओं के रोजगार और सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक बस चालकों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए स्मार्ट सिटी प्रबंधन और संबंधित ठेका कंपनी से वार्ता कर समाधान निकाला जाना चाहिए। यदि चालकों की मांगों की अनदेखी की गई तो उक्रांद उनके साथ मजबूती से खड़ा रहेगा और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
यूकेडी के महानगर अध्यक्ष प्रबीन चन्द रमोला ने कहा कि उत्तराखंड क्रांति दल हमेशा उत्तराखंड के स्थानीय युवाओं के रोजगार, अधिकार और सम्मान की लड़ाई लड़ता आया है। उन्होंने कहा कि जिन स्थानीय चालक भाइयों ने दिन-रात मेहनत कर देहरादून की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को संभाला है, उनके साथ भेदभाव और मनमानी स्वीकार नहीं की जाएगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि हम स्मार्ट सिटी प्रबंधन एवं संबंधित कंपनी के समक्ष चालकों की समस्याओं को लेकर प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता करेंगे। यदि इसके बावजूद चालकों को न्याय नहीं मिला और मनमाने ढंग से सेवा समाप्त करने की कार्रवाई जारी रही, तो उक्रांद उनके हक की लड़ाई को सड़क तक ले जाने से पीछे नहीं हटेगा। आवश्यकता पड़ी तो आंदोलन और चक्का जाम जैसे कठोर लोकतांत्रिक कदमों पर भी विचार किया जाएगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
महानगर अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि उक्रांद का उद्देश्य किसी व्यवस्था को बाधित करना नहीं, बल्कि स्थानीय चालकों को न्याय, सम्मान और रोजगार की सुरक्षा दिलाना है। प्रबंधन को चाहिए कि वह तत्काल चालकों के साथ संवाद स्थापित करे, सेवा समाप्त किए गए कर्मचारियों के मामलों की निष्पक्ष जांच करे तथा ड्यूटी और रूट आवंटन में पारदर्शिता सुनिश्चित करे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कहा गया कि उत्तराखंड क्रांति दल का स्पष्ट संदेश है कि स्थानीय युवाओं के रोजगार और सम्मान के साथ अन्याय हुआ तो उक्रांद उनके साथ सड़क पर संघर्ष करेगा। इस अवसर पर केंद्रीय उपाध्यक्ष बहादुर सिंह रावत, केंद्रीय महामंत्री बृजमोहन सजवाण, किशोरी नंदन डोभाल, विपिन पैन्यूली, महानगर उपाध्यक्ष अनिल भंडारी, अजय सिंह संदीप रावत सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



