राहुल गांधी बोले- एफआईआर दर्ज करो, हल्द्वानी में राहुल के खिलाफ दर्ज हो गया मुकदमा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की हल्द्वानी रैली के बाद हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ विवाद के बाद शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने मुकदमा दर्ज करने की मांग उठाई थी, नतीजा ये निकला कि इस मामले में राहुल गांधी के खिलाफ ही FIR दर्ज हो चुकी है। हल्द्वानी कोतवाली में दर्ज FIR में राहुल गांधी पर SC/ST एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराएं लगाई गई हैं। FIR अमित कुमार नामक व्यक्ति की शिकायत पर दर्ज हुई है, जो खुद को अनुसूचित जाति (वाल्मीकि) समुदाय का सदस्य और श्रीराम सेना से जुड़ा बताता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
शिकायतकर्ता का आरोप है कि राहुल गांधी ने 29 अगस्त को नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुए सफाई और धार्मिक अनुष्ठान को जातिगत रंग देते हुए उसे ‘छुआछूत’ से जोड़ा और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग की। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस बयान के कारण उन्हें सार्वजनिक रूप से ‘दलित विरोधी’, ‘जातिवादी’ और ‘छुआछूत करने वाला’ बताकर अपमानित किया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
ये है पूरा मामला
गौरतलब है कि आठ अगस्त को उत्तराखंड के नैनीताल जिले में हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली थी। उनकी रैली के बाद 10 अगस्त को कुछ लोगों ने रैली स्थल पर हवन किया और गंगाजल से शुद्धिकरण का ड्रामा किया। इस मामले को खड़गे ने राज्यसभा में भी उठाया। वहीं, कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने नई दिल्ली में प्रेस वार्ता कर इस मामले में उत्तराखंड बीजेपी अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि महेंद्र भट्ट ने शुद्धिकरण का समर्थन किया। ऐसे शुद्धिकरण करने वालों के साथ ही बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ एससी, एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होना चाहिए। वहीं, बीजेपी नेताओं का कहना है कि रामलीला मैदान में धार्मिक नारे लगाए गए। इसलिए वहां शुद्धिकरण किया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
हरकत में आई पुलिस और राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज
पुलिस ने रविवार 30 अगस्त, 2026 को बताया कि हल्द्वानी में वाल्मीकि समुदाय के एक सदस्य की शिकायत के बाद राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस नेता ने एआईसीसी प्रमुख के कार्यक्रम स्थल पर आयोजित एक धार्मिक अनुष्ठान को जातिवादी रंग दिया। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से जानबूझकर किए गए कृत्यों के संबंध में एफआईआर दर्ज की गई है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
पुलिस का कहना है कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 भी इसमें शामिल किया गया है। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से जानबूझकर किए गए कृत्यों के संबंध में एफआईआर दर्ज की गई है। हल्द्वानी के ही अनुसूचित जाति के युवक अमित कुमार की शिकायत के आधार पर राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। राहुल गांधी के खिलाफ जिन धाराओं में केस दर्ज हुआ है, उनमें BNSS की धारा 196 और 299 शामिल है। इसके अलावा SC, ST एक्ट 1989 की धारा 3(1) भी शामिल है। पुलिस का कहना है कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 भी इसमें शामिल किया गया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कांग्रेस ने दी कड़ी प्रतिक्रिया
लोकसभा के नेता विपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर होने के बाद कांग्रेस पार्टी हमलावर हो गई है। इसी कड़ी में कांग्रेस नेता एवं उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी कुमारी शेलजा ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद ‘शुद्धिकरण’ करने वालों पर कार्रवाई नहीं, लेकिन उस जातिवादी कृत्य के खिलाफ आवाज उठाने वाले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर FIR दर्ज कर दी गई। यही भाजपा सरकार का न्याय है? पहले ‘शुद्धिकरण’ किया गया। फिर उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष ने खुलेआम उसका बचाव किया और अब राहुल गांधी ने दोषियों पर कानून के तहत कार्रवाई की मांग की तो उत्तराखंड की भाजपा सरकार में उलटे उन्हीं पर मुकदमा दर्ज हो गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
वहीं, उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि बीजेपी राहुल गांधी को धमकाना चाहती है. कांग्रेस उससे डरने वाली नहीं है, लेकिन शुद्धीकरण करके जो यसकृत्य बीजेपी ने किया, उसके लिए देश का अनुसूचित जाति समाज उसे माफ नहीं करेगा। इसी बात को राज्यसभा में नेता विपक्ष एवं कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन जी ने भी राज्यसभा में भी उठाया। उनके कथन को लेकर शुद्धिकरण करने वालों और उसका समर्थन करने वालों के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज क्यों नहीं की गई।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



