बीजेपी से जुड़े लोगों ने एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि देश के करोड़ों दलितों का किया अपमान
उत्तराखंड कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष एवं सीडब्ल्यूसी सदस्य करन माहरा ने कहा कि उत्तराखंड के नैनीताल जिले में हल्द्वानी के रामलीला मैदान के शुद्धिकरण को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी। इस मैदान पर आठ अगस्त को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने रैली को संबोधित किया था। इसके बाद रैली स्थल को अपवित्र बताते हुए बीजेपी से जुड़े लोगों ने मंच पर हवन करने के साथ ही गंगाजल से शुद्धिकरण का ड्रामा रचा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस मामले में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने भी शुद्धिकरण का समर्थन किया था। वहीं कांग्रेसी इसे दलित के अपमान से जोड़कर पुलिस और सरकार से ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। शनिवार को लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने इस मामले में प्रेस कांफ्रेंस की और शुद्धिकरण करने वालों और उसका समर्थन करने वालों के खिलाफ दलित उत्पीड़न, एससी एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज करने की मांग की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस मामले में उत्तराखंड कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष करने माहरा ने कहा कि देश के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वरिष्ठ दलित नेता मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी रैली के बाद जिस तरह से भाजपा से जुड़े लोगों द्वारा उस मंच को गंगाजल से धोने का कृत्य किया, वह केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि देश के करोड़ों दलितों और सामाजिक न्याय में विश्वास रखने वाले हर नागरिक का अपमान है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि सवाल यह है कि आखिर किस मानसिकता के तहत किसी दलित नेता की मौजूदगी से कोई स्थान ‘अशुद्ध’ हो जाता है? क्या यही भाजपा का सबका साथ और सामाजिक समरसता का मॉडल है? संविधान ने हर नागरिक को समान अधिकार और सम्मान दिया है, लेकिन भाजपा से जुड़े लोगों की ऐसी हरकतें आज भी उस सोच को उजागर करती हैं, जो जाति के आधार पर इंसानों में भेद करती है। अब भाजपा नेता बीएल संतोष द्वारा दलितों और ब्राह्मणों के बीच खाई पैदा करने वाला बयान देना उसी विभाजनकारी मानसिकता की अगली कड़ी दिखाई देता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कांग्रेस नेता करन माहरा ने कहा कि भाजपा को समझना होगा कि देश की जनता जाति के नाम पर समाज को बांटने की राजनीति से ऊब चुकी है। दलित और ब्राह्मण, पिछड़ा और सवर्ण, ये सभी इस देश के नागरिक हैं और संविधान की नजर में बराबर हैं। भाजपा नेताओं को मंचों की गंगाजल से धुलाई करने के बजाय अपनी उस मानसिकता का शुद्धिकरण करना चाहिए, जो समाज को जाति और भेदभाव के नाम पर बांटती है। देश बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान से चलेगा, किसी की जातिवादी सोच से नहीं। कांग्रेस सामाजिक सम्मान, समानता और भाईचारे की लड़ाई जारी रखेगी। वहीं, नफरत व भेदभाव की राजनीति को जनता करारा जवाब देगी।
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो। यदि आप अपनी पसंद की खबर शेयर करोगे तो ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी। बस इतना ख्याल रखिए।

Bhanu Bangwal
लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं।
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



