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September 1, 2026

मल्लिकार्जुन खड़गे का अपमानः उत्तराखंड में कांग्रेस का प्रदर्शन, थाना और चौकियों में दी गई तहरीर, पूरी खबर पढ़ोगे तो समझोगे

उत्तराखंड में पुलिस की एकतरफा कार्रवाई और कांग्रेस का गुस्सा सातवें आसमान में। कांग्रेस ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के अपमान का आरोप लगाया। साथ ही पुलिस से कार्रवाई की मांग की। इसके उलट इस मामले को उठाने वाले कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ ही हल्द्वानी कोतवाली में मुकदमा दर्ज कर दिया गया। पूरे प्रदेशभर में कांग्रेस के प्रदर्शन हुए। हमने खबर एक दिन बाद दी। कारण  ये है कि सारे घटनाक्रम एकसाथ कंपाइल किए गए। इसमें मेहनत लगती है। इस मेहनत के लिए पूरी खबर पढ़ने वाले को ही पता चलेगा कि हमने खबर में क्या लिखा है।  (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

ये है पूरा मामला या आरोप
गौरतलब है कि आठ अगस्त को उत्तराखंड के नैनीताल जिले में हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली थी। उनकी रैली के बाद 10 अगस्त को कुछ लोगों ने रैली स्थल पर हवन किया और गंगाजल से शुद्धिकरण का ड्रामा किया। इस मामले को खड़गे ने राज्यसभा में भी उठाया। वहीं, कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने नई दिल्ली में प्रेस वार्ता कर इस मामले में उत्तराखंड बीजेपी अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की भी मांग की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने कहा कि महेंद्र भट्ट ने शुद्धिकरण का समर्थन किया। ऐसे शुद्धिकरण करने वालों के साथ ही बीजेपी  के प्रदेश अध्यक्ष  के खिलाफ एससी, एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज होना चाहिए। वहीं, बीजेपी नेताओं का कहना है कि रामलीला मैदान में धार्मिक नारे लगाए गए। इसलिए वहां शुद्धिकरण किया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

हरकत में आई थी पुलिस और राहुल गांधी के खिलाफ मुकदमा दर्ज
पुलिस ने रविवार 30 अगस्त, 2026 को बताया कि हल्द्वानी में वाल्मीकि समुदाय के एक सदस्य की शिकायत के बाद राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस नेता ने एआईसीसी प्रमुख के कार्यक्रम स्थल पर आयोजित एक धार्मिक अनुष्ठान को जातिवादी रंग दिया। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से जानबूझकर किए गए कृत्यों के संबंध में एफआईआर दर्ज की गई है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

पुलिस का कहना है कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 भी इसमें शामिल किया गया है। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से जानबूझकर किए गए कृत्यों के संबंध में एफआईआर दर्ज की गई है। हल्द्वानी के ही अनुसूचित जाति के युवक अमित कुमार की शिकायत के आधार पर राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। राहुल गांधी के खिलाफ जिन धाराओं में केस दर्ज हुआ है, उनमें BNSS की धारा 196 और 299 शामिल है। इसके अलावा SC, ST एक्ट 1989 की धारा 3(1) भी शामिल है। पुलिस का कहना है कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 भी इसमें शामिल किया गया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

अब कांग्रेस ने बनाया मुद्दा
इस मामले को कांग्रेस ने मुद्दा बना डाला। वैसे बीजेपी को सलाह कौन देता है, हमें ये पता नहीं। क्योंकि सीएम का एक वीडियो से भी नजर आ रहा है कि रामलीला मैदान में अल्लाह हू अकबर के नारे लगे। यदि लगे तो सरकार को वीडियो दिखानी चाहिए। यदि नहीं दिखा पा रहे तो समझ लो कि सरकार हवा हवाई है। जिसका इंटेलिजेंस में कोई नियंत्रण नहीं है। वहीं, पुलिस अधिकारियों से भी सवाल पूछे जा रहे हैं कि एक पक्षीय बनोगे तो आने वाले समय में दिक्कत में आ सकते हो। निष्पक्ष भाव से जांच कीजिए। यदि ऐसा नहीं होगा तो तवे की रोटी कब पलटेगी ये उन्हें भी पता नहीं चलेगा। फिलहाल पूरे प्रदेशभर में कांग्रेस के प्रदर्शन हो रहे हैं। कार्यकर्ता और नेता थानों में जाकर तहरीर दे रहे हैं। कितने मामलों में मुकदमा दर्ज हुआ ये हमें पता नहीं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

कांग्रेस का दावा
कांग्रेस का दावा है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के उपरांत कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा मंच का कथित रूप से ‘शुद्धिकरण’ किए जाने के प्रकरण को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस ने प्रदेशभर में विरोध दर्ज कराया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के निर्देश पर कांग्रेस के जिलाध्यक्षों, महानगर अध्यक्षों, नगर अध्यक्षों एवं ब्लॉक अध्यक्षों के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने क्षेत्रों की कोतवाली, थानों एवं पुलिस रिपोर्टिंग चौकियों में पहुंचकर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर लिखित तहरीर दी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

प्रदेश अध्यक्ष गोदियाल ने देहरादून कोतवाली में की शिकायत
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने देहरादून कोतवाली पहुंचकर हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गेकी जनसभा के बाद किए गए कथित ‘शुद्धिकरण यज्ञ’ के विरोध में लिखित शिकायत दर्ज कराई। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि आठ अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में खड़गे की जनसभा के दो दिन बाद कुछ लोगों द्वारा यज्ञ एवं गंगाजल का छिड़काव कर मैदान को ‘शुद्ध’ करने का प्रयास किया गया। यह कृत्य जातिगत भेदभाव और सामाजिक अपमान की मानसिकता को प्रदर्शित करता है तथा संविधान की मूल भावना के विरुद्ध है। कांग्रेस ने मांग की कि इस मामले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 सहित अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत तत्काल मुकदमा दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

देहरादून में धारा चौकी में दी गई तहरीर
इसी मामले में महानगर कांग्रेस कमेटी देहरादून के अध्यक्ष डॉ. जसविंदर सिंह ‘गोगी’ के नेतृत्व में देहरादून में धारा चौकी में एक प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र सौंपा गया। इस अवसर पर डॉ. जसविंदर सिंह ‘गोगी’ ने कहा कि यह घटना केवल कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष का नहीं, बल्कि पूरे अनुसूचित जाति समाज, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान है। उन्होंने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों में से एक, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष, का दायित्व निभा रहे हैं। ऐसे में उनके सम्मान पर हमला लोकतंत्र की गरिमा को चोट पहुंचाने वाला कृत्य है। उन्होंने कहा कि यदि कानून सबके लिए समान है तो इस प्रकरण में शामिल लोगों तथा उन्हें संरक्षण देने वाले व्यक्तियों पर तत्काल एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम सहित संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

इस अवसर पर मुख्य रूप से कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश अध्यक्ष सुलेमान अंसारी, प्रतिमा सिंह, शीशपाल बिष्ट, प्रीतम आर्य, सुनील जयसवाल, संजय कन्नौजिया, देवेन्द्र सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष वीरेंद्र पंवार, संजय उनियाल, मुकीम अहमद भूरा, इल्लाइस अंसारी, मुकेश सोनकर, अर्जुन पासी, अरुण शर्मा, गगन छाछर, आदर्श सूद, राजीव प्रजापति, अनूप कपूर, नीरू सिंह, दीपक गुप्ता, अमनदीप सिंह, पुष्पा पंवार आदि मौजूद थे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

कांग्रेस नेता धस्माना ने डीजीपी को सौंपा ज्ञापन
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं एआईसीसी सदस्य सूर्यकांत धस्माना ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी थाने में दर्ज मुकदमे को लेकर पुलिस महानिदेशक को ज्ञापन सौंपा। साथ ही मुकदमे को तुरंत निरस्त करने की मांग की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने कहा कि थाना हल्द्वानी में 30 अगस्त 2026 को अमित कुमार नाम के व्यक्ति की शिकायत पर राहुल गांधी के खिलाफ FIR No. 0297/2026 दर्ज की गई है। इसमें SC/ST Act की धारा 3(1)(r)(s) और BNS की धारा 196, 299 लगाई गई है। शिकायत में आरोप है कि राहुल गांधी ने 29 अगस्त को नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान 11 अगस्त को हल्द्वानी रामलीला मैदान में हुए तथाकथित सफाई और धार्मिक अनुष्ठान को लेकर गलत टिप्पणी की थी। कांग्रेस ने इस FIR को पूरी तरह झूठी, निराधार और राजनीतिक द्वेष से प्रेरित बताया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

असली अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं
इस मौके पर धस्माना ने कहा कि वास्तविकता यह है कि आठ अगस्त 2026 को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कुछ हिंदूवादी संगठनों ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान का शुद्धिकरण किया था। कांग्रेस का आरोप है कि यह शुद्धिकरण की घटना स्वयं BNS 196, 299 और SC/ST Act के तहत दंडनीय अपराध है और इसका वीडियो साक्ष्य भी मौजूद है। इसके बावजूद उत्तराखंड पुलिस ने आज तक इस मामले में कोई FIR दर्ज नहीं की है। असली अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने कहा कि एक तरफ वीडियो सबूत होने के बाद भी शुद्धिकरण के दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं, दूसरी तरफ राहुल गांधी जैसे राष्ट्रीय नेता पर 24 घंटे के अंदर SC/ST एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। इससे साबित होता है कि उत्तराखंड पुलिस सत्ता के दबाव में काम कर रही है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

वैसे इस मामले में हमारी यानी लोकसाक्ष्य की राय अलग है। जो भी जिम्मेदार हैं, उन्होंने समान रूप से न्याय को लेकर कानून नहीं पढ़ा है। हो सकता है कि वे भी एंटायर पॉलिटिकल साइंस के डिग्री धारक हों। क्योंकि जब कोई न्याय मांगने के लिए थाने जाता है तो उसकी रिपोर्ट दर्ज होती है। खैर ये तंज है, इसे अन्यथा नहीं लेना चाहिए। साथ ही दिल पर हाथ रखकर खुद से पूछना चाहिए कि वे जो कर रहे हैं, ये सही ये है गलत है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

कांग्रेस की तीन बड़ी मांगें
1. राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR No. 0297/2026 की निष्पक्ष जांच कर तत्काल निरस्त किया जाए।
2. आठ अगस्त को रामलीला मैदान में शुद्धिकरण करने वाले गिरीश पाण्डेय और उसके साथियों के खिलाफ वीडियो साक्ष्य के आधार पर BNS और SC/ST Act में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए।
3. शिकायतकर्ता अमित कुमार के राजनीतिक संबंधों की जांच की जाए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

दी ये चेतावनी
कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना ने चेतावनी दी है कि यदि झूठी FIR निरस्त नहीं हुई और असली दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस प्रदेशव्यापी आंदोलन करने पर बाध्य होगी। ज्ञापन देने वाले प्रमुख लोगों में कांग्रेस के प्रदेश गोरखा प्रकोष्ठ अध्यक्ष अनिल बस्नेत, कांग्रेस के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय कॉर्डिनेटर पिया थापा, विजय शाही, घनश्याम वर्मा, राजेंद्र धवन, संतोष नैनवाल, अनिल शर्मा शामिल रहे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा का बयान
उत्तराखंड कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने एक बयान में कहा कि हल्द्वानी में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होना भाजपा की बौखलाहट और राजनीतिक प्रतिशोध की राजनीति का एक और उदाहरण है। जब भाजपा राहुल गांधी का मुकाबला विचारों, तथ्यों और जनहित के मुद्दों पर नहीं कर पाती। जब महंगाई, बेरोजगारी, किसानों, युवाओं, महिलाओं, संविधान और सामाजिक न्याय जैसे सवालों पर जनता के सामने जवाब देना मुश्किल हो जाता है। तब विपक्ष की आवाज़ दबाने के लिए मुकदमों और एफआईआर का सहारा लिया जाता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने कहा कि हल्द्वानी में हुई यह कार्रवाई भी उसी राजनीतिक मानसिकता का हिस्सा दिखाई देती है। भाजपा चाहे जितने मुकदमे दर्ज करा ले, कितनी भी शिकायतें करवा ले, लेकिन राहुल गांधी को डराना उसके बस की बात नहीं है। राहुल गांधी वह नेता हैं जो सत्ता के सामने झुकने के बजाय देश के करोड़ों वंचितों, गरीबों, युवाओं और शोषितों की आवाज़ बनकर खड़े हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

करन माहरा ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल भाजपा की कथित संवेदनशीलता और उसके दोहरे चरित्र पर है। आज भाजपा राहुल गांधी के खिलाफ अनुसूचित जाति समाज की भावनाओं की बात कर रही है, लेकिन देश का दलित समाज उस शर्मनाक घटना को कैसे भूल सकता है, जब मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी रैली के बाद भाजपा से जुड़े लोगों द्वारा मंच के कथित ‘शुद्धिकरण’ की खबर सामने आई थी? क्या एक दलित समाज से आने वाले राष्ट्रीय नेता की मौजूदगी से कोई मंच अपवित्र हो जाता है? क्या यही भाजपा की सामाजिक समानता की सोच है? क्या यही उनका ‘सबका साथ’ है? जिस मानसिकता पर भाजपा को देश से माफी मांगनी चाहिए थी, उसी मानसिकता के लोग आज राहुल गांधी पर दलित समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाकर राजनीति कर रहे हैं। यह विडंबना नहीं तो और क्या है? (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

कांग्रेस नेता माहरा ने कहा कि भाजपा को यह समझ लेना चाहिए कि संविधान ने हर नागरिक को बराबरी का अधिकार दिया है और बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने जिस सामाजिक न्याय की नींव रखी, उसे किसी सत्ता की ताकत से कमजोर नहीं किया जा सकता। कांग्रेस और राहुल गांधी की लड़ाई किसी जाति या समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि उस सोच के खिलाफ है जो समाज को जाति, धर्म और नफरत के नाम पर बांटकर सत्ता हासिल करना चाहती है। राहुल गांधी लगातार संविधान की रक्षा, सामाजिक न्याय, समान अवसर और वंचित वर्गों के अधिकारों की बात करते हैं। यही बात भाजपा को सबसे ज्यादा परेशान करती है, क्योंकि जब जनता अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होती है तो विभाजन और डर की राजनीति कमजोर पड़ती है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने कहा कि आज भाजपा को राहुल गांधी से इतनी परेशानी क्यों है? क्योंकि राहुल गांधी सवाल पूछते हैं। वे बेरोजगार युवा की आवाज उठाते हैं, किसानों की बात करते हैं, महिलाओं के अधिकारों की बात करते हैं, दलितों-पिछड़ों और वंचितों की भागीदारी की बात करते हैं और सबसे बढ़कर संविधान की बात करते हैं। भाजपा चाहती है कि विपक्ष चुप रहे, सवाल न पूछे और सत्ता से जवाब न मांगे। लेकिन कांग्रेस यह होने नहीं देगी। एफआईआर की धमकी से न कांग्रेस पीछे हटेगी और न राहुल गांधी की आवाज़ बंद होगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने भाजपा के नेताओं से एक सीधा सवाल पूछा कि अगर वास्तव में दलित समाज के सम्मान की इतनी ही चिंता है तो पहले उस मानसिकता पर जवाब दीजिए, जिसमें एक दलित नेता के कार्यक्रम के बाद मंच का ‘शुद्धिकरण’ किया गया। पहले उस सोच के खिलाफ कार्रवाई कीजिए जो इंसान को उसकी जाति के आधार पर अपवित्र मानती है। दलित समाज सब देख रहा है, सब समझ रहा है और इस दोहरे चरित्र को याद रख रहा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने कहा यह सिर्फ राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर का मामला नहीं है, यह उस राजनीतिक सोच का मामला है जो लोकतंत्र में असहमति को अपराध और सवाल पूछने को बगावत समझती है। भाजपा अपने लोगों से शिकायतें करवाकर, एफआईआर करवाकर और सत्ता का दबाव बनाकर जितनी चाहे कोशिश कर ले, लेकिन राहुल गांधी की आवाज को देश की जनता की आवाज बनने से नहीं रोक सकती। राहुल गांधी अकेले नहीं हैं। उनके पीछे करोड़ों देशवासी हैं, उनके साथ कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता है और सबसे बड़ी ताकत भारत का संविधान है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने कहा कि भाजपा याद रखे कि एफआईआर से आवाजें नहीं दबतीं, संघर्ष और मजबूत होता है। मुकदमों से सवाल खत्म नहीं होते, बल्कि सत्ता से जवाब मांगने का हौसला और बढ़ता है। आज देश का दलित समाज, संविधान में आस्था रखने वाला हर भारतीय और लोकतंत्र पर विश्वास करने वाला हर नागरिक भाजपा से जवाब मांग रहा है—जाति के नाम पर राजनीति कब तक? दोहरे मापदंड कब तक? विपक्ष को डराने की कोशिश कब तक? राहुल गांधी की आवाज़ दबाने की हर कोशिश का कांग्रेस लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी। संविधान बचेगा। लोकतंत्र बचेगा। सामाजिक न्याय की लड़ाई जारी रहेगी। राहुल गांधी की आवाज़—हर हाल में बुलंद रहेगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

 

खड़गे के अपमान करने वालों पर तत्काल FIR दर्ज करोः अभिनव थापर
उत्तराखंड कांग्रेस सोशल मीडिया विभाग के प्रदेश अध्यक्ष अभिनव थापर ने कहा कि कांग्रेस ने वर्षों के संघर्ष और प्रयासों से समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने और सामाजिक एकजुटता की मजबूत नींव तैयार की है। आज जब सभी समाज के लोग साथ बैठकर, साथ खाकर और एकजुट होकर आगे बढ़ रहे हैं, ऐसे समय में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ जैसी घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और समाज को बांटने वाली मानसिकता का प्रतीक है। इस घटना से पूरे समाज में रोष है। ऐसे कृत्य करने वालों के खिलाफ तत्काल कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय दलितों, वंचितों और गरीबों की आवाज उठाने वाले राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज कर दी गई। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

अभिनव थापर ने कहा कि हल्द्वानी के जिस थाने में राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज की गई, उसी थाने में इस प्रकरण को लेकर 18 तारीख से शिकायत लंबित है, लेकिन उस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह दोहरा रवैया कई गंभीर सवाल खड़े करता है और भाजपा की समाज को बांटने वाली मानसिकता को उजागर करता है। कांग्रेस इस अन्याय के खिलाफ कानूनी, लोकतांत्रिक और सड़क—तीनों स्तरों पर मजबूती से संघर्ष करेगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

अभिनव थापर ने स्पष्ट मांग करते हुए कहा कि राहुल गांधी पर दर्ज FIR तत्काल वापस ली जाए। साथ ही, रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के बाद कथित ‘शुद्धिकरण’ का आयोजन कर उनका अपमान करने वाले लोगों के खिलाफ उपलब्ध वीडियो साक्ष्यों के आधार पर तत्काल FIR दर्ज की जाए तथा पूरे प्रकरण में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाए।
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Bhanu Bangwal

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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।