एंडोकॉन 2026 में ग्राफिक एरा अस्पताल की अभिनव तकनीक को प्रथम पुरस्कार, एएसडी डिवाइस से आहार नली का छेद बंद करने में सफलता
देहरादून स्थित ग्राफिक एरा अस्पताल के विशेषज्ञों के एक ऑपरेशन को देश में सर्वश्रेष्ठ केस का दर्जा देकर पुरस्कृत किया गया है। एएसडी डिवाइस से बुजुर्ग महिला की आहार नली में हुए जटिल छेद को बंद करना अपने आप में एक दुर्लभ और चुनौतीपूर्ण मामला था। इस जटिल मामले का इलाज गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, हेपेटोलॉजी एवं एडवांस्ड एंडोस्कोपी, कार्डियोलॉजी तथा कार्डियो थोरैसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने मिलकर किया। यह राष्ट्रीय सम्मान जटिल मामलों के उपचार में ग्राफिक एरा अस्पताल की विशेषज्ञता, आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के प्रभावी उपयोग और अभिनव उपचार पद्धतियों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
एक बुजुर्ग महिला की खाने की नली में छेद हो जाने के कारण खाने की नली से छाती और फेफड़ों की ओर एक असामान्य रास्ता बन गया था। इस गंभीर और जटिल स्थिति के कारण महिला को खाना खाने के साथ-साथ सांस लेने में भी काफी परेशानी हो रही थी। करीब दो महीने तक एक अन्य अस्पताल में उपचार कराने के बाद मरीज ग्राफिक एरा अस्पताल पहुंची। यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने इस चुनौतीपूर्ण मामले का सफल उपचार किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस उपचार की सबसे खास बात यह रही कि आम तौर पर हृदय में छेद बंद करने के लिए इस्तेमाल होने वाले एएसडी क्लोजर डिवाइस का अभिनव उपयोग कर डॉक्टरों ने खाने की नली में हुए छेद को सफलतापूर्वक बंद कर दिया। इस तकनीक की मदद से बिना बड़ी सर्जरी के इस जटिल समस्या का उपचार संभव हो सका। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, हेपेटोलॉजी एवं एडवांस्ड एंडोस्कोपी विभाग के हेड डॉ. सचिन देव मुंजाल, डॉ. सी. हरि मंगलाथ और डॉ. मुस्तफा मालवी, कार्डियोलॉजी विभाग के हेड डॉ. राज प्रताप सिंह और डॉ. हिमांशु राणा तथा कार्डियो थोरैसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग के डॉ. पुलकित मल्होत्रा शामिल रहे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस जटिल मामले में अपनाई गई अभिनव और नई उपचार तकनीक को सोसाइटी ऑफ गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल एंडोस्कोपी ऑफ इंडिया (एसजीईआई) के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित कॉन्फ्रेंस एंडोकॉन 2026 में प्रस्तुत किया गया। देशभर के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी और एडवांस्ड एंडोस्कोपी विशेषज्ञों के बीच प्रस्तुत इस चुनौतीपूर्ण केस और नई तकनीक को प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



