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August 10, 2026

पत्नी की हत्या कर शव 72 टुकड़ों में बांटकर डीप फ्रीजर में रखने के मामले में दोषी को नहीं मिली हाईकोर्ट से राहत

हरादून में पत्नी की हत्या कर शव को करीब 72 टुकड़ों में बांटने के मामले में दोषी पति को फिलहाल हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत नहीं मिल पाई।

देहरादून में पत्नी की हत्या कर शव को करीब 72 टुकड़ों में बांटने के मामले में दोषी पति को फिलहाल हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत नहीं मिल पाई। इस मामले में अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सरकार से दस दिन में आपत्ति पेश करने को कहा है। सुनवाई की अगली तिथि सात जुलाई नियत की गई है। इस मामले में मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति आरएस चौहान व न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ में सुनवाई हुई।
अभियोजन के अनुसार देहरादून निवासी राजेश गुलाटी ने 17 अक्टूबर 2010 को अपनी पत्नी अनुपमा गुलाटी की निर्मम तरीके से हत्या कर दी। साथ ही अपराध को छिपाने के मकसद से उसने शव के 72 टुकड़े कर डीप फ्रिज में डाल दिया था । 12 दिसम्बर 2010 को अनुपमा का भाई दिल्ली से देहरादून आया तो हत्या का खुलासा हुआ। देहरादून कोर्ट ने राजेश गुलाटी को पहली सितम्बर 2017 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। साथ ही 15 लाख रुपए का अर्थदण्ड भी लगाया, जिसमें से 70 हजार राजकीय कोष में जमा करने व शेष राशि उसके बच्चों के बालिग होने तक बैंक में जमा कराने के आदेश दिए थे।
कोर्ट ने इस घटना को जघन्य अपराध की श्रेणी में माना। राजेश गुलाटी पेशे से एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। उसने अनुपमा के साथ 1999 में लव मैरिज की थी। राजेश गुलाटी ने निचली अदालत के इस आदेश को हाइकोर्ट में 2017 में चुनोती थी। मंगलवार को उसकी तरफ से इलाज के लिए अंतरिम जमानत प्रार्थनापत्र पेश किया गया। फिलहाल हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। कोर्ट ने अंतरिम जमानत पर सरकार को आपत्ति दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।