मधुमास मे डूबे पहाड़ आई मेरे आंगन में बहार , मधुमास में डूबे हैं पहाड़ । ये जादू करता है...
Young poet
ए-वक़्त ख़ुद पर इतना ग़ुरूर न कर तू वक़्त ही तो है, वक़्त तू भी वक़्त एक वक़्त पर बदल...
आया वसंत आया वसंत, आया वसंत । है चहुं ओर, छाया वसंत ।। मोहक है, माया वसंत । आया वसंत,...
नौ दिसंबर 2020 को लोकसाक्ष्य के माध्यम से युवा लेखिका एवं कवयित्री किरन पुरोहित ने अलकनंदा नदी को पत्र लिखा...
अगर कभी-भी नहीं मिले तो अगर कभी कुछ कहा नहीं तो - बात कैसे है ? अगर कभी कुछ सुना...
मैं भी लिखने लगा अगर प्रेम, स्नेह, श्रृंगार को। तुम बोलो फिर कौन लिखेगा, वीरों के संसार को।1। किसी सुन्दरी...
लिखने को तो मैं भी लिख सकता हूँ सच्ची झूठी कहानी। आओ मैं सुनाता हूँ तुमको हकीक़त अपनी ज़ुबानी।। हमको...
स्वर्ग मिलेगा या नर्क अच्छे हमेशा काम करते रहो बुराईयां किसी की मत करो! करोगे प्रताड़ित लोगो को, फल मिलेगा...
सारा जहां हमारा है। वो हर किनारा हमारा है।। ज़मीन की है कीमत । आसमान तो हमारा है।। समय समय...
बदलता पहाड़ सदियों की कहानी वो पनघट का। बदलती जवानी बदलती कहानी। खिलती हवाएँ और मिलती दुआएँ। लम्बी सी रातें...
