बदलता पहाड़ सदियों की कहानी वो पनघट का। बदलती जवानी बदलती कहानी। खिलती हवाएँ और मिलती दुआएँ। लम्बी सी रातें...
Young poet
माँ के चरणों मे होती जन्नत है ! अगर देदे आर्शीवाद तो हो जाती पूरी मन्नत है ! खुद ना...
असहनीय धोखेबाजी और नाराजगी का अधिकार नहीं जिम्मेदार कोई एक नहीं इसका ये एक पूरी व्यवस्था थी हर किसी का...
उत्तरायण की हर कहानी याद है वो हवा का इंतजार और सही छत की तलाश।। फिरकी पकड़ने के लिए करते...
मेरे पेचीदा से हालात। दिलों के जज़्बात।। तेरी चटपटी सी बात। मेरे हाँथों में तेरा हाथ। लेकर आई है ज़ज्बातों...
फकीर हूँ पर लकीर का नही शमशीर हूँ खंजर नही जानता हूँ ज़माने का अंदाज़ा रखना पहचानता हूँ गैरज़रूरी अपनापन...
कभी कभी कुछ लोग हाँ वही कुछ लोग कहते है वो जिसे पीठ पीछे की बात कहते हैं पर मैं...
बाधाओं से कब तक डरेगा बंदे! बाधाओं से कब तक डरेगा, कब तक अपनी राहे पलटेगा, वो राहो के पत्थर...
तब ही अपना नववर्ष मने जब ऋतुराज बसंत छटा छलके , जब कुंज में पुष्प लता महके । जब यज्ञ...
देश का युवा हूँ भविष्य हूँ और बेरोजगार हूँ मैं। न कोई चमचा,न भक्त,न कोई चौकीदार हूँ मैं। देश के...
