माँ के चरणों मे होती जन्नत है ! अगर देदे आर्शीवाद तो हो जाती पूरी मन्नत है ! खुद ना...
Young poet
असहनीय धोखेबाजी और नाराजगी का अधिकार नहीं जिम्मेदार कोई एक नहीं इसका ये एक पूरी व्यवस्था थी हर किसी का...
उत्तरायण की हर कहानी याद है वो हवा का इंतजार और सही छत की तलाश।। फिरकी पकड़ने के लिए करते...
मेरे पेचीदा से हालात। दिलों के जज़्बात।। तेरी चटपटी सी बात। मेरे हाँथों में तेरा हाथ। लेकर आई है ज़ज्बातों...
फकीर हूँ पर लकीर का नही शमशीर हूँ खंजर नही जानता हूँ ज़माने का अंदाज़ा रखना पहचानता हूँ गैरज़रूरी अपनापन...
कभी कभी कुछ लोग हाँ वही कुछ लोग कहते है वो जिसे पीठ पीछे की बात कहते हैं पर मैं...
बाधाओं से कब तक डरेगा बंदे! बाधाओं से कब तक डरेगा, कब तक अपनी राहे पलटेगा, वो राहो के पत्थर...
तब ही अपना नववर्ष मने जब ऋतुराज बसंत छटा छलके , जब कुंज में पुष्प लता महके । जब यज्ञ...
देश का युवा हूँ भविष्य हूँ और बेरोजगार हूँ मैं। न कोई चमचा,न भक्त,न कोई चौकीदार हूँ मैं। देश के...
कहने को है नया, लेकिन नया कुछ भी नही। तारीख़ बदली,साल बदला और बदला कुछ भी नही।। बदलने को सब...
