संविधान की रग-रग में 26/11 का खून बहता दिखता है,राष्ट्र की संप्रभुता और एकता पर प्रश्नचिन्ह लगता दिखता है,सहज में...
Young poet
सड़क किनारे जिंदगी मूक देखती रह जाएगी खून से सने हाथों से गिरेबाँ पकड़ी जाएगी,सामंती तलवारें नन्हें हाथों में लहराएंगी,गठजोड़ों...
