Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

July 8, 2026

युवा कवयित्री किरन पुरोहित की कविता-आया वसंत

युवा कवयित्री किरन पुरोहित की कविता-आया वसंत। कवयित्री हेमवती नंदन बहुगुणा विश्वविद्यालय श्रीनगर मे बीए प्रथम वर्ष की छात्रा हैं।

आया वसंत

आया वसंत, आया वसंत ।
है चहुं ओर, छाया वसंत ।।
मोहक है, माया वसंत ।
आया वसंत, आया वसंत ।।

स्नान किए उस बरखा से,
पट श्वेत बर्फ का सरका के ।
है हरित साड़ी पहने वसुधा ,
कितनी प्यारी है वसुधा ।।

जिस पर झालर फूलों के
आया वसंत आया वसंत ।।1।।

आंचल मे फ्यूली -बुरांस,
भर बसंत की गहन श्वांस ।
कोयल के स्वर में गाती ,
बनकर नदिया इठलाती ।।

है वसुधे ! किसका इंतजार ?
आया वसंत, आया वसंत ।।2।।

किसके हित ऐसा श्रृंगार,
किससे इतना अधिक प्यार ।
रतिपति के बाणों से बींधी,
व्याकुल किनके हित दीदी ।।

जिनसे वसंतमय सब संसार—
आया वसंत आया वसंत ।।3।।

मौन तुम्हारा सब कहता है ,
मुझको आनंदित करता है ।
ब्रजकिशोर का इंतजार,
उनसे तेरा भी परम प्यार ।।

जिन पर गोपीमन मरता है —
आया वसंत ,आया वसंत।।4।।

कवयित्री का परिचय
नाम – किरन पुरोहित “हिमपुत्री”
पिता -दीपेंद्र पुरोहित
माता -दीपा पुरोहित
जन्म – 21 अप्रैल 2003
अध्ययनरत – हेमवती नंदन बहुगुणा विश्वविद्यालय श्रीनगर मे बीए प्रथम वर्ष की छात्रा।
निवास-कर्णप्रयाग चमोली उत्तराखंड।