बेशक कहने को आजाद हैं हम , सोचो क्या सच में आजाद हैं हम, आधुनिकता ने बाँध लिया सबको अपने...
Uttarakhand
कभी हवा में तो कभी पानी से घनघोर प्रलय हो रहे हैं, किस भूल की सजा मिल रही है, जो...
आओ जनता अब तो आओ होशो हवाश में ना आओ अब चुनावी जुमले के आगोश में, गांव अपना समर्पण करने...
एक हादसा- ना जाने कितनी कहानियां अधूरी रह गयी, एक हादसा- ना जाने कितनी निशानियां बुझ गयी, कइयों की मंजिलें...
हां ! असफलता जब जब खुद को दोहराती है हमें बहुत कुछ नया सिखाती है मेरी कलम से मेरा नाता...
सुनो आज कुछ लिखूं, इसका ख्याल आया है तो लिखूं क्या ये ख्याल ही नहीं बन पाया है, तो सोचा...
इश्क़, होता है होने दो, प्यार होता है होने दो। दिल न माने होने दो। प्रेम रस का पान हो...
जंग कह देना आसान है, जंग करना इतना आसान नहीं, श्रद्धांजलि देना आसान है, शहीद होना इतना आसान नहीं, बेशक़...
ना जाने कहाँ चला गया वो बचपन, ना जाने कहाँ चले गये वो बेफिक्री के दिन, कभी कंचों की दुकान...
अपारदर्शी घटना से जब एक भावपूर्ण इंसान का भाव शून्य हो जाता है जब गुजरता है इंसान इस राह से...
