अच्हारे लड़कों कलयुग भाई क्यों बैरी।। टेक।। कैसी अधर्म की जीत...लड़को कलयुग भाई क्यों बैरी बचपन में तब लाड़ से...
Lalit Mohan Gahtori
घूंघट बीच दो नैना चलकी अंगिया पटकी सलुआ झलकी काली गोरी बाकि छोरी।। 2।। नैना मारे झप झप की घूंघट...
ओ छोरी विमला, हाय छोरी विमला। पढ़ि ले अआ-कख, लेखि ले इमला।। ओ छोरी... पढ़ि-लेखि बेर विमु, मिटलो अज्ञान। पढ़न-लेखन...
छोड़ो लौंडे की यारी जैसे गधे की सवारी सीधी साधी बात भारी कहती है यह दुनिया सारी छोड़ो लौडे की...
गुरु गुरु गुरु गुरु गुरु गुरु गुरु गुरु गुरु गुरु गुरु गुरु गुरु नहीं मिले नहीं मिले नहीं मिले नहीं...
