पर्यावरण दिवस मना तो रहे आज पर क्या सुरक्षित है यहां पर्यावरण फिर क्यों चारों और ऑक्सीजन की कमी, क्यों...
साहित्य
वृक्ष जन-जीवन का आधार पर्यावरण होता जिससे साकार शुद्ध वायु की होती जिसमें भरमार अरण्य का जिससे होता विस्तार वृक्ष...
आओ हम सब मिलकर वृक्ष लगायें प्रगति के नाम पर आज प्राकृतिक संसाधन नष्ट कर रहे है बनाये जा रहे...
घर एक गांव में भी बनाया करो यूं अपनों की जमीन छोड़कर, शहर मत जाया करो। कब छोड़ना पड़े शहर,...
सेवा करने से ईश्वर प्रसन्न होता है सेवा करने से जीवन सफल होता है, सेवा करने से कर्तव्यनिष्ठा बढ़ती है,...
मत देखो नफरत भरी निगाहों से मत देखो इंसान मुझे, नफरत भरी निगाहों से। मेरा भी इस गांव से नाता,...
अचकल्यूं (भाग-2) कबी- कबी ता इनु लगद, जीवन ह्वे आसान. सैरू कुटम दगणै चा, हम छवां- बड़ भग्यान.. जमा पूंजिम...
जय -जय मारुति नन्दन हे प्रभु तुम्हीं दया निधान हो सकल गुणों की तुम खान हो तेज तपस्वी महावीर तुम...
गांव जब मजे में थे तो गांव सब भूल गये। मुसीबत में आज गांव याद आ गये।। शहर-शहर, गली-गली सब...
आवाजी : शिवजी का वाद्य यन्त्र है - ढोल ! ऐ मधुर झंकार ! सहस्त्र सुर लय ताल, दिव्य- मनोहर...
