बस मुझमें यही तो कमी है नहीं कठोर हृदय लिए खड़ा हूं, मेरे हृदय में भी, भरी नमी है। दुःख...
साहित्य
माँ माँ लक्ष्मी है दौलत है विद्या की देवी सरस्वती है मित्र भी है खोल देते है हम अपनी मन...
दौलत सस्ती जिंदगी महंगी न जानें आज क्यों, मन में उदासी छा गई। क्यों जिंदगी महंगी, और दौलत सस्ती हो...
ईश्वर की सर्वश्रेष्ठ रचना अपने स्वार्थ के लिए धरा आसमां बाटेंगे। पेड़-पौधे, जीव-जंतु सब कुछ काटेंगे।। व्यर्थ करेंगे जल और...
बेटी ब्वे- बुबजी, गुमान हूंद बेटी. द्वी - घरौं की, शान हूंद बेटी.. बोल़द-बच्यांद, खिल-खिलांद, हीरा-मोत्यूं कि, खान हूंद बेटी.....
वन्दना मां सरस्वती मां वीणापाणि सरस्वती भावों में ऊंची उड़ान दो, लेखनी में शक्ति दो विचारों में पवित्रता दो, वाणी...
प्रणय स्वप्न कमल-नयन का सुख-स्वप्न पुष्प छू लिया, अन्तर्मन, हर सुरों में गंध बसा है पुलकिल होंठ अपावन। जीवन का...
क्यों गांव से दूरियां हो गई अब तो कोई चहल पहल नहीं गांवों में, जैसे पहले हुआ करती होगी। आ...
मां योग्य पुत्र बन सकूं हे मां मनीषिणी हमें विचार का अभिदान दो मां योग्य पुत्र बन सकूं स्वाभिमान का...
कबि-कबि कबि-कबि एक-हैंका धोऽर, आंद-जांद रावा. अपड़ि खैरी-खुशि-बिपत, सब्यूं सुणांद रावा.. ज्यू हळ्कु ह्वे जांद, सूणीं-सुणैकी क्वी बात, कबि अपणौं,...
