पितरौं-श्राद्ध श्राद्ध ऐगे- श्राद्ध ऐगे, बच्चों मेरी- याद ऐगे. चार निसरौ-मेरा नवां, निकाऴि खांदा धरेगे.. सालभर म एक दिन, मेरा...
साहित्य
लोक जन एक दिन सभी गौं का लोकजन बैठ्या था सभी गौं का चौंक म कूंई किस्सा कूंई गीत कूंई...
न ईं धार-न वीं धार सचम छैं- छौ कबि, खटकदार मीं. सचम छैं- छौ कबि, झटकदार मीं.. अपण मुलका,लौ-बॉण रै...
विश्व पर्यटन दिवस 27सितम्बर 1980को विश्व पर्यटन दिवस मनाया संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटक संगठन द्वारा चुनाव कराया। चुनाव का...
देस-दुन्या घूमा खूब घूमा-फिरा, देस-दुन्या सब लोग. एक जगा कख टिक्यां रंदी, अब लोग.. पैलि-गौंम बित, कख रैंद छा-एक जगा,...
परिवार की रौनक होती है बेटियां, आँगन की शोभा होती है! सौभाग्य की प्रतीक होती बेटियां है, मधुर मन की...
पिता हैं मेरे उंगली पकड़कर चलना सिखा दर बाहों का झूला बनाकर झूलाया बाहर की नजरों से हमें बचाया मेहनत...
जीत-हार हरेका जीवनम, उकाळ- उंदार च. क्वी- डरि जांद, कैकु- बेड़ापार च.. हिकमत न टुटड़ि द्या, एक - हैंका, हिकमत...
सुनामी लहर तेरे किनारे बसे थे कुछ आस लेकर मना रहे थें तुमको सबकुछ देकर हंसी खुशी ज़िन्दगी गुज़ार रहे...
गूंणि बांदर अछे ? रै-होला हम, गूंणि-बांदर पैलि कबि. सची ? हमरि बि- क्य, पूंछ- रै-ह्वेलि कबि.. सैन्स कि खोज-...
