कीर्तन जिसकी कीर्ति फैले सारे जिसने यह दुनिया बनाई है ध्यान लगा लो मन से भजलो जिसकी कीर्ति दुनिया ने...
साहित्य
मां पुण्यासणी मां पुण्यासणी का रूप निराला चारों तरफ होता है उजियारा साक्षात दर्शन देती है मैया सभी भक्तों की...
हे चांद तुम्हारे चरणों में मैं करवा भरकर लाई हूं लम्बी उम्र रखना पति की यह वरदान मांगने आई हूं।...
हाल ही में शारदीय नवरात्र मनाए गए। इन दिनों यथा शक्ति माँ का पूजन किया होगा। कन्या भी खिलाई भी...
जीवन में ये प्रथम अवसर है जब विजय दशमी के सुअवसर पर मेरे मन और मस्तिष्क के बीच एक द्वंद...
मन चलो करो सीमोल्लंघन। बिन छोड़े मर्यादा बन्धन।। अतल गगन का है आमन्त्रण। नव नवल क्षितिज का आकर्षण।। अज्ञात पंथ...
हम लचार नि छवां हम कुछ बि छवां, पर- लाचार नि छवां. आजबि अपड़-पर्या फरि, भार नि छवां.. लेन-देन आफत-बिपत,...
कुर्ता पैजामू मेरू पेरूं छ बौंल्या मेरू खूब सज्यूं छ भलू स्वाणु अर प्यारू लग्यौं छ ब्यौंला देखी खुश ह्वाणा...
माँ कालिंका मेरि बड्यर्यूं कि कालिंका माँ, दैंणी ह्वेकि जै. आस लेकि- औंला हम, माँ- खुसी देकि जै.. तेरा थानम...
सूंणा मींथैं अपड़ा- पहाऽड़ि हूंणा, गर्व चा. हमर लोगौं - आगास छूंणा, गर्व चा.. अब नि रैग्या, भूरु- घूरू अर...
