करम करिल्या-भला करम, नि करा-खटकरम भयो. गरीब- गुरबौ मदद कनुबि, हमरु- धरम भयो.. बड़ा-बड़ा तिलक लगै, पूजापाठ करै क्य होलु,...
साहित्य
समय की पुकार जब जेसा समय आता है समय वैसा ही पुकारता है जब युद्ध की डंका नाद बजती समय...
एक दिन एक दिन यख बटि सब्यूंन, सटगुणूं च. कांच माफिक टुटणु च, अर चटगुणूं च.. इनि- बिगरैली बड़ींच, य...
चाह चाह है दिल में पाने की उसे पाने का जज्बा रखना और जब तक हासिल न हो तब तक...
कासी-कोत्वाळ कासि कु- कोत्वाळ बड़ि कन डरांद जिंदगी. सयूं-सयूं धरु-धरु लिजै, कन रुलांद जिंदगी.. आज कु दिन-कनु कटे, भोळ की...
बीज पहली मिलदूं छौ बीज घरों म अब मिलणु मुश्किल ह्वैगी घरों म बीज सम्भाली नी रखदा भरोसो सरकार पर...
अबकु-तबकु बच्पना घर भितर घुटि रै आंद, अब जमना बच्चों बच्पना. मोबैल म गुमसुम रांद, अब जमना बच्चों बच्पना.. दाजी...
अकेले रह गये हम जिन्दगी की डगर में आगे बढ़ते बढ़ते बैठ गया जरा नीचे सोचा अपने बारे में पीछे...
"मानव धर्म शिखा" मैं हिन्दू हूं वह मुस्लिम है, यह दृष्टि बदल डालो। मानव हो तो मानवता का, दुःख दर्द...
एक छौ गांधी गांधी जी का तीन बांदर, नि रैग्या अब. झड़ि को बाघ - बांदरौं थैं, खैग्या अब.. चार-पीढ़ी,...
