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August 5, 2026

पात्रा चॉल घोटाले में जेल में बंद शिव सेना सांसद संजय राउत को मिली जमानत, जानिए क्या है मामला

शिवसेना सांसद संजय राउत को आखिरकार जमानत मिल गई। राउत मुंबई की पात्रा चॉल घोटाले के मामले में जेल में बंद हैं। मुंबई की पीएमएलए कोर्ट ने दो नवंबर को उनकी न्यायिक हिरासत को 14 दिनों के लिए बढ़ा दिया था। साथ ही, कोर्ट ने राउत जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था, इस पर आज यानि कि नौ नवंबर को फैसला सुनाया गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

21 अक्टूबर को उनकी जमानत याचिका पर कोर्ट ने सुनवाई स्थगित कर दी थी। उस समय भी संजय राउत की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी गई थी। ईडी ने इस मामले में एक पूरक आरोपपत्र दाखिल किया था। इसमें संजय राउत को मामले में आरोपी बनाया गया था। कोर्ट ने पूरक आरोपपत्र पर संज्ञान लिया। इसमें राउत का नाम मनी लॉड्रिंग के एक मामले में आरोपी के रूप में लिया गया। राउत ने जमानत के लिए धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) मामलों की विशेष अदालत का रुख किया था। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

एक अगस्त को किया गया था गिरफ्तार
राउत को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक अगस्त को मुंबई में पात्रा ‘चॉल’ के पुनर्विकास में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। ईडी की जांच उपनगरीय गोरेगांव में चॉल या घरों के पुनर्विकास से संबंधित 1,034 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं और कथित रूप से उनकी पत्नी और सहयोगियों से संबंधित वित्तीय लेनदेन से संबंधित है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

ये है पात्रा चॉल मामला
पात्रा चॉल के नाम से पहचाने जाने वाला सिद्धार्थ नगर उपनगरीय गोरेगांव में 47 एकड़ में फैला हुआ है और इसमें 672 किरायेदार परिवार हैं। 2008 में महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (म्हाडा) ने एचडीआईएल (हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड) की एक सहयोगी कंपनी गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड (जीएसीपीएल) को चॉल के लिए एक पुनर्विकास अनुबंध सौंपा था। जीएसीपीएल को किरायेदारों के लिए 672 फ्लैट बनाने और म्हाडा को कुछ फ्लैट देने थे। हाती जमीन निजी डेवलपर्स को बेचने के लिए स्वतंत्र था। हालांकि, ईडी के अनुसार पिछले 14 वर्षों में किरायेदारों को एक भी फ्लैट नहीं मिला, क्योंकि कंपनी ने पात्रा चॉल का पुनर्विकास नहीं किया। उसने 1,034 करोड़ रुपये में यह जमीन पार्सल और फ्लोर स्पेस इंडेक्स (एफएसआई) को बेच दी।

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