उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने सीएम धामी से की मुलाकात, राज्य के चार प्रमुख मुद्दों की तरफ दिलाया ध्यान
उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने आज शनिवार 26 जुलाई को राज्य के चार प्रमुख मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। इन प्रमुख मुद्दों में राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द पर सख्ती से कदम उठाने की मांग, छात्र संघ चुनाव संपन्न करवाए राज्य सरकार, उपनल कर्मचारियों के मामले में सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटिशन की जगह उनके समायोजन के लिए नीति बनाई जाए और अशासकीय महाविद्यालयों के साथ सौतेला बर्ताव बंद करते हुए तत्काल नियुक्तियों पर लगी रोक को हटाने की मांग है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात की। कहा कि राज्य में कुछ शरारती तत्वों द्वारा लगातार बिगाड़े जा रहे सांप्रदायिक सौहार्द के मामलों में सख्ती से निपटा जाए। उन्होंने कहा कि डीएवी महाविद्यालय समेत राज्य के केंद्रीय विश्वविद्यालय एच एन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय से संबद्ध दस महाविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव संपन्न कराए जाएं। उपनल कर्मचारियों के संबंध में हाल ही में सुप्रीम कोर्ट द्वारा राज्य सरकार की एसएलपी खारिज होने के खिलाफ रिव्यू पिटिशन दाखिल करने की बजाय उपनल कर्मचारियों को समायोजित करने की नीति बनाई जाए। साथ ही उन्होंने मांग की है कि राज्य के अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के साथ बरते जा रहे सौतेले व्यवहार की नीति को छोड़कर इस मामले में विस्तार से चर्चा करते हुए इन मुद्दों पर तत्काल प्रभावी कार्यवाही की जाए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कांग्रेस नेता सूर्यकांत धस्माना ने मुख्यमंत्री से कहा कि वे पूरे राज्य के सीएम हैं, ना कि किसी पार्टी के। राज्य में रहने वाले प्रत्येक नागरिक चाहे वो किसी धर्म जाति का हो, उसकी सुरक्षा उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कुछ महीनों से राज्य के अलग अलग हिस्सों में कुछ शरारती तत्व प्रदेश का सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने में लगे हैं। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, श्रीनगर, देहरादून के मामलों का जिक्र करते हुए धस्माना ने सीएम से आग्रह किया कि वे राज्य के प्रशासन व पुलिस को ऐसे तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दें। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
सूर्यकांत धस्माना ने सीएम से राज्य के अशासकीय महाविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव ना करवाए जाने के उच्च शिक्षा विभाग के फैसले पर पुनर्विचार करते हुए तत्काल छात्र संघ चुनाव करवाए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि छात्रों में छात्र संघ चुनाव ना करवाए जाने के निर्णय से भरी आक्रोश है। अगर चुनाव नहीं करवाए गए तो छात्रों का आक्रोश आंदोलन का रूप ले लेगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष धस्माना ने राज्य के 22 हजार से अधिक उपनल कर्मचारियों के संबंध में मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के खिलाफ राज्य सरकार रिव्यू पिटिशन दाखिल करने के बजाय इन कर्मचारियों के समायोजन के बारे में एक नीति बना कर उनको वरिष्ठता के आधार पर चरणबद्ध तरीके से नियमित करे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
धस्माना ने कहा कि अधिकांश कर्मचारियों को उपनल के माध्यम से राज्य के विभिन्न विभागों में सेवा योगदान देते हुए पांच से बीस वर्ष का समय हो गया है। अतः उनको नियमित कर सरकार एक बड़ा जनहित का फैसला ले कर श्रेय ले सकती है। उन्होंने राज्य के सहायता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालयों के साथ बरते जा रहे सौतेले व्यहवार पर मुख्यमंत्री को अवगत करवाया कि वर्ष 2019 से राज्य के समस्त अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में नियुक्ति पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया हुआ है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने बताया कि नियुक्ति पर प्रतिबंध के चलते डीएवी, डीबीएस, एमकेपी, एसजीआरआर, एमपीजी मसूरी जैसे महाविद्यालयों में शिक्षकों के सैकड़ों पद खाली पड़े हैं। इसके कारण शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। इन महाविद्यालयों में अनेक विभागों के बंद होने की नौबत आ गई है। धस्माना ने इस संबंध में बीस सूत्री मांग पत्र भी सीएम धामी को सौंपा। इसमें विस्तार से अशासकीय महाविद्यालयों के साथ हो रहे भेद भाव पर प्रकाश डाला गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
मुलाकात के बाद धस्माना ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धैर्य के साथ उनकी ओर से उठाए गए मुद्दों को सुना। साथ ही आश्वाशन दिया कि राज्य में किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। सरकार सबकी सुरक्षा के लिए कटिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने छात्र संघ चुनाव व उपनल कर्मचारियों के मुद्दे पर भी सकारात्मक रुख व्यक्त किया। उच्च शिक्षा के मामलों में सौंपे गए ज्ञापन का परीक्षण करवा कर यथोचित कार्यवाही करने का उन्होंने भरोसा दिया।
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