चमोली की टीएचडीसी टनल में रेस्क्यू अभियान पूर्ण, सभी प्रभावित श्रमिकों को निकाला बाहर, कुल 10 श्रमिकों की मौत, 12 को सकुशल निकाला
उत्तराखंड के चमोली जिले में हाट-सियासैण मायापुर (पीपलकोटी) में टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में हुए हादसे के बाद रेस्क्यू अभियान पूरा कर लिया गया है। 13 अगस्त 2026 की शाम पानी का रिसाव एवं भूस्खलन होने से हुए हादसे के बाद जिला प्रशासन की निगरानी में चलाया जा रहा खोज एवं बचाव अभियान मंगलवार को पूर्ण हुआ। रेस्क्यू टीमों ने टनल में फंसे एवं लापता सभी प्रभावित श्रमिकों को बाहर निकाल लिया है। इस हादसे में कुल 10 श्रमिकों की मौत हुई और 12 को सकुशल निकाला गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
घटना के समय टनल में एचसीसी कंपनी की ओर से कार्य किया जा रहा था। पानी के रिसाव एवं भूस्खलन के कारण प्रारंभिक रूप से लगभग 22 कर्मचारियों के टनल में फंसे होने की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना, डीडीआरएफ, सीआईएसएफ, टीएचडीसी तथा अन्य संबंधित एजेंसियों की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और युद्धस्तर पर खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
लगभग 117 घंटे से अधिक चले इस चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू अभियान के दौरान टनल से कुल 12 श्रमिकों को सकुशल बाहर निकाला गया। वहीं दुखद जानकारी ये है कि इस हादसे में 10 श्रमिकों की दुखद मृत्यु हुई। अभियान के पहले दिन 19 श्रमिकों को बाहर निकाला गया। इनमें 12 घायल श्रमिक तथा सात मृत श्रमिक शामिल थे। इसके बाद 17 अगस्त को एक और रेस्क्यू अभियान के अंतिम दिन 18 अगस्त को दो श्रमिकों को बाहर निकालकर गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
रेस्क्यू अभियान के दौरान टनल के भीतर जमा पानी की निकासी, मलबा हटाने और फंसी मशीनरी को बाहर निकालने के साथ ही संभावित स्थानों पर लगातार सघन सर्च अभियान चलाया गया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद रेस्क्यू टीमों ने आधुनिक उपकरणों एवं उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए लगातार कार्य किया। पानी की निकासी के लिए सक्शन पंप सहित आवश्यक उपकरणों की मदद ली गई, जिससे टनल के अंदरूनी हिस्सों तक रेस्क्यू टीमों की पहुंच सुनिश्चित हो सकी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार की ओर से पूरे रेस्क्यू अभियान की लगातार निगरानी की गई। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों एवं रेस्क्यू एजेंसियों से अभियान की प्रगति की जानकारी लेते हुए सभी टीमों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया। जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता टनल में फंसे एवं लापता श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालना थी। इसके लिए रेस्क्यू टीमों ने कठिन परिस्थितियों में दिन-रात लगातार कार्य किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
अभियान के दौरान बाहर निकाले गए घायल एवं प्रभावित श्रमिकों को तत्काल आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। जिला प्रशासन की ओर से रेस्क्यू किए गए श्रमिकों के स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी लगातार जानकारी ली गई। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने पूरी घटना का विवरण दिया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
मृतक श्रमिकों का विवरण1. प्रदीप पंवार पुत्र अवतार सिंह, निवासी टिहरी गढ़वाल।
2. जितेन्द्र कुमार पुत्र राम चन्द्रा, निवासी उत्तर प्रदेश।
3. मुकेश सिंह पुत्र प्रेम सिंह, निवासी चमोली।
4. दुर्लभ शर्मा पुत्र भवानी राम शर्मा, निवासी उत्तर प्रदेश।
5. विजय हंसदा पुत्र राम चन्द्रा, निवासी उत्तर प्रदेश।
6. लोकेश्वर पुत्र सोन सिंह पोयम, निवासी छत्तीसगढ़।
7. भुनेश्वर पुत्र सुरेन्द्र कुमार, निवासी छत्तीसगढ़।
8. देवनाथ पुत्र धनसुराम बघेल, निवासी छत्तीसगढ़।(15/8/2026)
9. लुकास टोपनो पुत्र बा़ससा टोपनो, निवासी झारखंड।(18/8/2026)
10. चेतन पोयाम पुत्र सोनधार पोयाम, निवासी छत्तीसगढ़।(18/08/2026) (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
रेस्क्यू किए गए 12 श्रमिकों का विवरण
1. सुनील दीवान पुत्र संतोश दीवान, निवासी छत्तीसगढ़।
2. हारबिल गुड़िया पुत्र रेजन गुड़िया, निवासी तपरा।
3. कमड़ा, निवासी झारखंड।
4. निस्तर भिंगरा पुत्र राफेल भिंगरा, निवासी झारखंड।
5. विनोद रावना पुत्र तुनिया रावना, निवासी झारखंड।
6. दीना बेगरा पुत्र केला बेगरा, निवासी झारखंड।
7. खेला राम बिसरा पुत्र मोनसा बिसरा, निवासी झारखंड।
8. सुबेग सिंह पुत्र वीरा सिंह, निवासी पंजाब।
9. तिलकराज पुत्र बुद्धीराम, निवासी हिमाचल प्रदेश।
10. पेन सिंह पुत्र पीला सिंह, निवासी छत्तीसगढ़।
11. रोहित पाण्डे पुत्र अवधेश पाण्डे, निवासी बिहार।
12. गोविन्दो मंडाल पुत्र परीक्षित मंडाल, निवासी पश्चिम बंगाल। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
अभियान में ये रहे शामिल
रेस्क्यू अभियान में आईटीबीपी जोशीमठ, आईटीबीपी गौचर, सेना जोशीमठ, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, सीआईएसएफ, पुलिस, जिला प्रशासन एवं टीएचडीसी सहित संबंधित एजेंसियों की टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी एजेंसियों ने आपसी समन्वय, तत्परता और कठिन परिस्थितियों में लगातार रेस्क्यू एवं सर्च अभियान चलाया और सभी प्रभावित श्रमिकों को टनल से बाहर निकालने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



