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October 16, 2026

मित्र को श्रद्धांजलि स्वरूप शिक्षक राजेंद्र जोशी “उत्तराखंडी” की कविता- एक पल – एक क्षण

एक पल, एक क्षण, कभी कभी सब कुछ बदल देता है,
जीवन भर की खुशियों को क्षण भर में चूर कर देता है।
यूं तो हर दिन होते हैं अनगिनत हादसे हमारे आस पास,
लेकिन कोई एक हादसा जीवन के मायने बदल रख देता है।।
ऐसा क्यों हुआ, कैसे हुआ, हम यही सोचते रह जाते हैं,
कल तक हमारे पास रहने वाले हमसे दूर बहुत दूर चले जाते हैं।
फिर रह जाता है, कभी न खत्म होने वाली यादों का सिलसिला,
जब सुहाने सपने दिखाने वाला खुद सपना बनकर रह जाता है।। (कविता जारी, अगले पैरे में देखें)

एक पल, एक क्षण, कभी कभी सब कुछ बदल देता है।।
कितना आसान है दुनिया में आज से बीता हुआ कल हो जाना,
सब कुछ पाकर भी जीवन में अचानक सब कुछ खो जाना।
खोना ऐसा कि जिसे कभी हम दोबारा पा भी न सकेंगे,
जीवन भर उसकी यादों के संताप में रोएंगे और तड़पेंगे।
सचमुच कैसे हमारा जीवन अचानक करवट बदल लेता है।। (कविता जारी, अगले पैरे में देखें)

एक पल, एक क्षण, कभी कभी सब कुछ बदल देता है।।
खुद को संभालना बहुत कठिन है लेकिन संभलना तो पड़ेगा,
जीवन जीना अब सरल न होगा लेकिन फिर भी जीना तो पड़ेगा।
अपने लिए न सही, अपनों के लिए इन आसुओं को पीना पड़ेगा,
फिर से आएंगी खुशियां ये आने वाला कल उम्मीद देता है।।
एक पल, एक क्षण, कभी कभी सब कुछ बदल देता है।।
नोटः यह कविता मेरे परम मित्र स्व. गोकुल शर्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि स्वरूप सादर समर्पित है, जिसे हमने 01 अप्रैल 2024 को हुए एक हादसे में हमेशा के लिए खो दिया ।
कवि का परिचय
आर पी जोशी “उत्तराखंडी”
अनुदेशक
राजकीय आईटीआई सोमेश्वर, खूंट जनपद अल्मोड़ा
मूल निवासी – तल्ली मिरई, द्वाराहाट, जनपद अल्मोड़ा, उत्तराखंड।

Bhanu Prakash

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भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।