क्लेमेंटटाउन से चकराता रोड पर शिफ्ट होंगे ग्राफिक एरा के अधिकांश कोर्सः डॉ. कमल घनशाला
डॉ. कमल घनशाला
देहरादून स्थित ग्राफिक एरा के अधिकांश कोर्स क्लेमेंटटाउन से चकराता रोड पर शिफ्ट किये जाएंगे। ग्राफिक एरा के शीर्ष प्रबंधन ने क्लेमेंटटाउन में भीड़ और अतिक्रमण बढ़ने के मद्देनजर यह निर्णय किया है। अक्टूबर में यह प्रक्रिया शुरु कर दी जाएगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन के चेयरमैन डॉ. कमल घनशाला ने बताया कि अब ग्राफिक एरा के क्लेमेंट टाउन स्थित परिसर को आवासीय परिसर के रूप में संचालित करने की योजना बनाई गई है। इस परिसर में केवल हॉस्टल में रहने वाले छात्र-छात्राओं को रखा जायेगा। विश्वविद्यालय के विभिन्न पाठ्यक्रमों को मेडिकल कॉलेज के पास शिफ्ट कर दिया जायेगा। विश्वविद्यालय से बाहर रहने वाले सभी छात्र छात्राओं के लिए वहां कक्षाएं, प्रयोगशालाएं, पुस्तकाल, विभिन्न हॉस्टल आदि बनाने और अन्य सुविधाएं विकसित करने के लिए कदम उठाये जा रहे हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
डॉ. घनशाला ने बताया कि कक्षाएं शिफ्ट करने का पहला चरण अक्टूबर में शुरु हो जाएगा। दो वर्षों में क्लेमेंटटाउन से शिफ्टिंग का कार्य पूरा कर लिया जायेगा। सबसे पहले नर्सिंग, फार्मेसी, पैरामैडिकल आदि से जुड़े कोर्सों को मेडिकल कालेज के पास शिफ्ट किया जायेगा। अतिक्रमणों के कारण मार्ग संकरा होने और आवासीय क्षेत्र में व्यवसायिक गतिविधियां काफी बढ़ने के कारण क्लेमेंट टाउन में संस्थान चलाना अब आसान नहीं रहा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
गौरतलब है कि अतिक्रमण और व्यवसायिक गतिविधियों से सेना व वायु सेना के वाहनों, पर्यटन स्थल और विश्वविद्यालय आने-जाने वालों को बहुत असुविधा का सामना करना पड़ता है। सेना के उच्च अधिकारी इस संबंध में कई बार उच्च स्तर पर अनुरोध भी कर चुके हैं। इस पर जिला स्तर पर प्रशासन, पुलिस, प्राधिकरण, नगर निगम आदि की कमेटी का गठन भी किया गया था, लेकिन उसके बाद कुछ नहीं हुआ।
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो। यदि आप अपनी पसंद की खबर शेयर करोगे तो ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी। बस इतना ख्याल रखिए।

Bhanu Bangwal
लोकसाक्ष्य पोर्टल पाठकों के सहयोग से चलाया जा रहा है। इसमें लेख, रचनाएं आमंत्रित हैं। शर्त है कि आपकी भेजी सामग्री पहले किसी सोशल मीडिया में न लगी हो। आप विज्ञापन व अन्य आर्थिक सहयोग भी कर सकते हैं।
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



