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July 21, 2026

शिक्षक एवं कवि रामचंद्र नौटियाल की कविता- होली के रंग

होली के रंग
जीवन के ढंग
वसन्त जीवन का
जीवन के भी होली की तरह कई रंग
जीवन के भी होली की तरह कई ढंग
कहीं खुशी के रंग
कहीं वसन्त प्रकृति के रंग
कहीं दूर प्रियतम के आने की खुशी
कहीं सीमा पर तैनात जवान के
घर बार छोडकर वीरता उत्साह के रंग (कविता जारी, अगले पैरे में देखिए)

कहीं सफलता के रंग
कहीं बचपन के रंग
कहीं रंग यौवन के
कहीं रंग संस्कृति के
कहीं रंग परम्परा के
कहीं रंग फाग के
कहीं रंग फूलदेई के
कहीं रंग मेरे तिरंगे के
कहीं रंग मां भारती के
कवि का परिचय
शिक्षक रामचन्द्र नौटियाल गांव जिब्या पट्टी दशगी जिला उत्तरकाशी उत्तराखंड के निवासी हैं। रामचन्द्र नौटियाल जब हाईस्कूल में ही पढ़ते थे, तब से ही लेखन व सृजन कार्य शुरू कर दिया था। वह कई साहित्यिक मंचों पर अपनी प्रस्तुतियां देते रहते हैं।
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