Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

July 27, 2026

दूसरे दिन राम लक्ष्मण ने किया ताड़का और सुबाहु का वध, मारीच ने भागकर बचाई जान, अहिल्या का किया उद्धार

दूसरे नवरात्र से देहरादून के राजपुर में वीरगिरवाली में शुरू हुई रामलीला के दूसरे दिन नौ अक्टूबर की रात राम की लीलाओं को देख श्रद्धालु भाव विभोर हो गए।

इस बार रामलीला मंचन शुरू हुआ तो कलाकारों के साथ ही दर्शकों में भी उत्साह बना हुआ है। दूसरे नवरात्र से देहरादून के राजपुर में वीरगिरवाली में शुरू हुई रामलीला के दूसरे दिन नौ अक्टूबर की रात राम की लीलाओं को देख श्रद्धालु भाव विभोर हो गए। श्री आदर्श रामलीला सभा राजपुर द्वारा 72 वें श्री रामलीला महोत्सव के द्वितीय आज रंगमंच पर रामलीला में हरएक पात्र ने अपने सजीव अभिनय से दर्शकों को बांधकर रखा। देर रात तक दर्शकों ने रामलीला का आनंद उठाया।
विश्वामित्र आदि ऋषि-मुनियों को रावण के राक्षस सताने लगे और उनका यज्ञ भंग करने लगे। ऐसी स्थिति में यज्ञ की रक्षा के लिए विश्वामित्र राजा दशरथ के पास राम और लक्ष्मण को साथ लेने के लिए आए। राजा दशरथ राम और लक्ष्मण सिंह को मोह बस विश्वामित्र के साथ राम और लक्ष्मण को भेजने से इनकार करने की कोशिश की, लेकिन गुरु वशिष्ठ के परामर्श पर राजा दशरथ ने दोनों पुत्रों को महर्षि विश्वामित्र के साथ भेजा।

जहां राम और लक्ष्मण ने ताड़का के साथ ही सुबाहु राक्षस का वध किया। इस दौरान मारीच अपनी जान बचाकर भाग गया। उसके पश्चात गौतम ऋषि की शिला बनी पत्नी अहिल्या का उद्धार उद्धार भगवान राम ने किया। प्रभु श्री राम ने चरण स्पर्श कर उसे नारी में परिवर्तित कर दिया। इसके पश्चात जनकपुर से राजा जनक का आमंत्रण उन्हें मिला और सीता स्वयंवर को देखने विश्वामित्र के साथ राम लक्ष्मण जनकपुर चले गए।
वहां राम ने गुरु से नगर भ्रमण और वाटिका भ्रमण की आज्ञा ली। वाटिया में राम और सीता एक दूसरे को देखते हैं और एक दूसरे को अपना जीवनसाथी बनाने का मन ही मन संकल्प लेते हैं। आज रविवार की रात इसी रंगमंच पर सीता स्वयंवर और श्री राम सीता का विवाह लीला दिखाई जाएगी। संरक्षक साहू, प्रधान योगेश अग्रवाल, मंत्री अजय गोयल, संजय धीमान, अमर अग्रवाल, वैभव आदि की उपस्थिति में लीला सम्पन्न हुई।