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July 12, 2026

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी अपने उद्देश्य में पूरी तरह विफलः डॉ. सुनील अग्रवाल

डॉ. सुनील अग्रवाल

निजी कॉलेज एसोसिएशन उत्तराखंड के अध्यक्ष डॉ. सुनील अग्रवाल ने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी अपने उद्देश्य में पूरी तरह से विफल है। जब से नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को देश में प्रवेश परीक्षाएं कराने की जिम्मेदारी दी गई है, तब से वह लगातार अपनी लापरवाहियों के कारण छात्रों के लिए परेशानी का सबब बनी है पहले नीट की परीक्षा में पेपर लीक और अब हर वर्ष सीयूईटी परीक्षा में छात्रों को होने वाली परेशानियां नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की असफलता का पर्याय बन चुकी है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

डॉक्टर सुनील अग्रवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेज कर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि सीयूईटी की परीक्षा अब औचित्यहीन हो चुकी है। यूजी और पीजी कक्षाओं के लिए पूर्व की भांति मेरिट के आधार पर प्रवेश दिए जाएं। मेरिट के आधार पर प्रवेश में छात्रों की पूर्व परीक्षाओं के आधार पर मेरिट बनती है, जबकि प्रवेश परीक्षा लगातार मानसिक तनाव का कारण बन रही है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने कहा नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की कार्यप्रणाली की विफलता छात्रों के भविष्य पर भारी पड़ रही है। सीयूईटी की परीक्षा के बाद भी विभिन्न संस्थाओं में सीटें खाली रह जाने के बाद मेरिट के आधार पर प्रवेश दिए जाते हैं। सीयूईटी के कारण छात्रों के समय और धन दोनों की बर्बादी होती है। इसके कारण छात्रों के भविष्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

डॉ. अग्रवाल ने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की कार्यप्रणाली की विफलता को तो स्वयं केंद्र सरकार ने भी स्वीकार किया है। तभी तो नीट की परीक्षा के लिए वायु सेना की मदद लेने की बात की जा रही है। स्वयं प्रधानमंत्री नीट की परीक्षा की निगरानी करेंगे। डॉ अग्रवाल ने बताया की सीयूईटी के स्थान पर मेरिट के आधार पर प्रवेश के लिए पूर्व में भी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र भेजा गया था। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

उन्होंने कहा कि अब पुनः सीयूईटी परीक्षा में अव्यवस्था के कारण सीधे प्रधानमंत्री को पत्र भेजा गया है। इसके अतिरिक्त सीबीएसई की परीक्षा में भी परीक्षा परिणाम में लापरवाही के कारण छात्रों को अनावश्यक मानसिक तनाव झेलना पड़ा है, जो शिक्षा मंत्रालय की कार्य प्रणाली पर प्रश्न चिह्न पैदा करता है।
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