Loksaakshya Social

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

Social menu is not set. You need to create menu and assign it to Social Menu on Menu Settings.

July 30, 2026

ग्राफिक एरा के चिकित्सकों का कमालः पांच बच्चों के दिल के छेद का बिना सर्जरी इलाज

देहरादून में ग्राफिक एरा अस्पताल ने जन्मजात हृदय रोगों पर एक कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें शिशुओं से लेकर वयस्कों तक हृदयविकार के साथ पैदा हुए रोगियों का निदान और उपचार किया गया। कार्यक्रम में डॉ के एल उमामहेश्वर (बाल हृदयरोग विशेषज्ञ), डॉ राज प्रताप सिंह (वरिष्ठ इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट) डॉ. हिमांशु राणा (हृदय रोग विशेषज्ञ), डॉ. पुलकित मल्होत्रा (कार्डियक सर्जन), डॉ. एस पी गौतम (कार्डियक एनेस्थेटिस्ट), डॉ. अतुल (कार्डियक एनेस्थेटिस्ट), डॉ. शांतनु शुभम (बाल रोग विशेषज्ञ), डॉ. ऋचा (बाल रोग विशेषज्ञ) और अन्य ने भाग लिया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

डॉ. अखिलेश पाण्डेय (निदेशक, कार्डियक साइंसेज) ने बताया कि जिन लोगों का जन्म दिल में छेद या हृदय की असामान्य संरचना या वाल्व की खराबी के साथ होता है, उन्हें जन्मजात हृदय विकार कहा जाता है। लक्षणों में त्वचा का नीला रंग (सायनोसिस), सांस फूलना, असामान्य धड़कन, बच्चे को पूरा दूध पीने में असमर्थता, बच्चे का वजन ना बढ़ना, छाती में संक्रमण और कभी-कभी मृत्यु शामिल हैं। यदि किसी बच्चे में उपरोक्त लक्षण हैं तो एक अच्छा इकोकार्डियोग्राफी परीक्षण किया जाना चाहिए। ये रोग हल्के रूपों से लेकर जीवन के लिए घातक भी सकते हैं। जीवन के लिए खतरा होने पर कई बार तत्काल सर्जरी की भी जरूरत हो सकती है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

डॉ. राज प्रताप ने बताया कि जन्मजात हृदय विकार का इलाज पहले केवल ओपन हार्ट सर्जरी होता था, लेकिन आजकल डिवाइस क्लोजर से कई हृदय दोषों को बिना सर्जरी के ठीक किया जा सकता है, जिससे बड़ी सर्जरी और एनेस्थीसिया से बचा जा सकता है। इस कार्यशाला में डिवाइस क्लोजर पद्धति का उपयोग करके दिल में छेद वाले पांच रोगियों (एएसडी, वीएसडी, पीडीए ) का सफलतापूर्वक इलाज किया गया और अगले दिन उन्हें छुट्टी दे दी गई। उन्हें किसी दवा की भी जरूरत नहीं होगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इलाज के अलावा, डॉक्टरों और विशेषज्ञों ने हृदय दोषों के लिए कार्डियोलॉजी और इमेजिंग के क्षेत्र में नवीनतम विकास को साझा किया। ग्राफिक एरा अस्पताल के निदेशक डॉ. पुनीत त्यागी और प्रबंधन ने पूरी टीम को उनके प्रयासों के लिए बधाई दी और कहा की ग्राफिक एरा अस्पताल सभी को उन्नत उपचार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो।