ओमिकॉन को लेकर सरकार ने बदली रणनीति, अब पता लगाया जाएगा संक्रमण कितना खतरनाक, मरने वालों के सैंपल होंगे टेस्ट
दुनियाभर में चिंता बढ़ा रहे ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर भारत सरकार ने फिर से रणनीति में बदलाव किया है। भारत में कोरोना वायरस के नए मामलों में अचानक वृद्धि हुई तो स्वास्थ्य मंत्रालय ने ओमिक्रॉन को लेकर जीनोम सीक्वेंसिंग की स्ट्रेटजी में बदलाव किया।
दुनियाभर में चिंता बढ़ा रहे ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर भारत सरकार ने फिर से रणनीति में बदलाव किया है। भारत में कोरोना वायरस के नए मामलों में अचानक वृद्धि हुई तो स्वास्थ्य मंत्रालय ने ओमिक्रॉन को लेकर जीनोम सीक्वेंसिंग की स्ट्रेटजी में बदलाव किया। ओमिक्रॉन के असर और किसी ठोस नतीजे पर पहुंचने को लेकर अस्पतालों के सैंपल्स की जीनोम सीक्वेंसिंग होगी। अस्पताल के आइसीयू में दाखिल और मरने वाले मरीज के सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों ने यह जानकारी दी।सूत्रों ने कहा कि यह कवायद ओमिक्रॉन से होने वाला संक्रमण के खतरे को लेकर है। ये कितना खतरनाक है। इसके पड़ताल की कोशिश की जा रही है। जीनोम सीक्वेंसिंग की नई स्ट्रेटजी तीन दिन से अमल में है। हफ्ते भर के भीतर ओमिक्रॉन को लेकर ठोस तरीके से शुरुआती आंकड़ा आ जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, ओमिक्रॉन से पहले बीमारी को देखा जा रहा था और अब प्राथमिकता गंभीरता देखने की है। शुरुआत में आम आबादी के सैंपल का जीनोम सीक्वेंसिंग की गई। ये इसलिए किया गया ताकि पता चले कि ओमिक्रॉन की मौजूदगी है या नहीं। अगर है तो कितनी है। अब अस्पताल में दाखिला भी बढ़ने लगा है। साथ ही मौत भी बढ़ रही है। हफ्ते भर में शुरुआती नतीजे आ जाएंगे।
देशभर में पिछले 24 घंटों में ओमिक्रॉन के 620 नए केस दर्ज किए गए हैं। नए मामलों के आने के साथ देश में ओमिक्रॉन के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 5488 पहुंच गई है। ओमिक्रॉन के कुल संक्रमितों में से 2,162 मरीज ठीक हो चुके हैं। ओमिक्रान के बुधवार को 407, मंगलवार को 428 और सोमवार को 410 नए मामले दर्ज किए गए थे।



