एलिवेटेड रोड एवं एनजीटी के फैसला गरीब विरोधी, बिजली का निजीकरण है स्मार्ट मीटर: माकपा
देहरादून में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी की जिला कमेटी की बैठक में कहा गया कि डबल इंजन की सरकार की ओर से रिस्पना और बिन्दाल नदी पर प्रस्तावित एलिवेटेड रोड और एनजीटी का बस्तियों को हटाने का फैसला आम गरीब विरोधी है। दोनों स्थिति में गरीबों एवं कम आय वर्ग के लोगों को ही नुकसान होना है। एलिवेटेड रोड का निर्माण सिर्फ बड़े बड़े कारपोरेट हितों का ही पक्ष लेता है, चाहे सरकार कोई भी तर्क दे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि यह योजना पर्यावरण को भारी क्षति पहुंचाने जा रही है। हजारों परिवारों को बेदखल करेगी। इसी प्रकार एनजीटी का फैसला सीधेतौर पर गरीब विरोधी है। एनजीटी अमीरों एवं सरकारी अतिक्रमण को नजरअंदाज करता है। स्वयं सरकार एवं उसके आला अफसर एनजीटी में एकतरफा एवं भेदभावपूर्ण रिपोर्ट भेज रहे हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
पार्टी ने कहा कि बिजली के निजीकरण से उत्तराखंड की जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। स्मार्ट मीटर के नाम पर डबल इंजन सरकार आम जनता से धोखा कर रही है। उत्तराखंड में बिजली का निजीकरण लोगों के स्थाई रोजगार को छीनेगा। साथ ही पावर सैक्टर में अडानी, अंबानी आदि बड़े घरानों का कब्जा हो जायेगा। ऐसे में पार्टी राज्यव्यापी विरोध के तहत आगामी 11 मार्च को देहरादून स्थित ऊर्जा भवन पर धरना देगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
पार्टी के जिला कार्यालय में सम्पन्न हुई बैठक की अध्यक्षता कमरूद्दीन ने की। बैठक में राज्य सचिव राजेन्द्र पुरोहित, जिला सचिव शिवप्रसाद देवली, देहरादून सचिव अनन्त आकाश, सचिव मंडल सदस्य लेखराज, माला गुरूंग, पुरूषोत्तम बडोनी, किशन गुनियाल, भगवंत पयाल, शम्भू प्रसाद ममगाईं, सुधा देवली, एन एस पवांर, हिमांशु चौहान, अमर बहादुर क्षेत्री आदि ने विचार व्यक्त किये।
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