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July 10, 2026

ईडी ने दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन के करीबियों के घर की छापेमारी, करोड़ों का केश और आभूषण मिलने का दावा

दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन और उनके सहयोगियों के यहां ईडी ने सोमवार को छापेमारी की थी और करोड़ों रुपये का कैश और आभूषण बरामद करने का दावा किया है।

दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन और उनके सहयोगियों के यहां ईडी ने सोमवार को छापेमारी की थी और करोड़ों रुपये का कैश और आभूषण बरामद करने का दावा किया है। प्रवर्तन निदेशालय ईडी ने सात ठिकानों पर ये छापेमारी की। दावा किया जा रहा है कि इसमें प्रकाश ज्वैलर के यहां 2.23 करोड़ कैश मिला। एक अन्य सहयोगी वैभव जैन के यहां 41.5 लाख कैश 133 सोने के सिक्के मिले। जीएस मथारू के यहां 20 लाख रुपये कैश मिला है। ईडी के मुताबिक, छापेमारी में कई अहम दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं। साथ ही कुल 2.85 करोड़ रुपये नकद और 133 सोने के सिक्के मिले हैं। इनका वजन 1.80 किलो के करीब है, जिनके स्रोत के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई थी। सत्येंद्र जैन नौ जून तक ईडी की रिमांड पर हैं।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार सुबह सात बजे से शुरू की गई ये छापेमारी देर रात दो बजे तक चली थी। ईडी ने मनी लांड्रिंग के कानून के तहत ये छापेमारी की थी। ये छापेमारी सत्येंद्र जैन-पूनम जैन और उनके सहयोगी और मामले से प्रत्यक्ष औऱ परोक्ष रूप से जुड़े लोगों के यहां ये कार्रवाई की थी। इनमें प्रमुखतया अंकुश जैन, वैभव जैन, नवीन जैन और सिद्धार्थ जैन शामिल हैं। इसके अलावा जीएस मथारू भी और कुछ अन्य के यहां भी ये कार्रवाई की गई। जांच से पता चला कि मैसर्स लाला शेर सिंह जीवन विज्ञान ट्रस्ट के एक सहयोगी सदस्य ने संपत्ति को अलग करने और जब्ती की प्रक्रिया को विफल करने के लिए सत्येंद्र कुमार जैन के स्वामित्व वाली कंपनी से अपने सहयोगियों के परिवार के सदस्यों को भूमि हस्तांतरण के लिए आवास प्रविष्टियां प्रदान की थीं। तलाशी के दौरान विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए गए।

सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी को लेकर आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का लंबा दौर भी चला है। आम आदमी पार्टी का कहना है कि 7-8 साल पुराने इस केस में कोई भी साक्ष्य नहीं है और जैन को जानबूझकर फंसाया जा रहा है। सरकार की ओर से जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। वहीं बीजेपी ने जैन की गिरफ्तारी के बाद भी उन्हें मंत्री बनाए रखने को लेकर केजरीवाल सरकार पर निशाना साधा है। आम आदमी पार्टी ने सत्येंद्र जैन के विभाग तो दूसरे मंत्रियों के दे दिए हैं, लेकिन उन्हें मंत्री बनाए रखा है।