कर्ज से परेशान किसान और बेटी ने की आत्महत्या, पूरे परिवार के लिए लाया था जहर, पत्नी के खाने से पहले बेटा पुड़िया लेकर भागा
कोरोनाकाल के दौरान बेरोजगार हुए लोगों के साइड इफेक्ट भी अब नजर आने लगे हैं। कर्ज से परेशान एक किसान और उसकी बेटी ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। किसान पूरे परिवार के लिए जहर लाया था।
कोरोनाकाल के दौरान बेरोजगार हुए लोगों के साइड इफेक्ट भी अब नजर आने लगे हैं। कर्ज से परेशान एक किसान और उसकी बेटी ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली। किसान पूरे परिवार के लिए जहर लाया था। घर में उसने पूछा कि कौन कौन जहर खाएगा। इस बीच उसने खुद जहर खाया तो बेटी ने भी खा लिया। पत्नी जहर खाती, तभी उसका बेटा जहर की पुड़िया लेकर भाग गया। इससे मां और बेटे दोनों बच गए।घटना मध्यप्रदेश के शाजापुर जिले के सांपखेड़ा गांव में की है। ये घटना गुरुवार की बताई जा रही है। ऐसी आशंका है कि कर्ज से परेशान होकर ये कदम उठाया है। हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जहर खाते ही किसान और उसकी बेटी दोनों की तबियत बिगड़ने लगी। परिवार और पड़ोस के लोग उन्हें अस्पताल ले गए, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। फिलहाल कोतवाली पुलिस जांच में जुटी है।
जानकारी के मुताबिक सापखेड़ा गांव के ही रहने वाले ईश्वर सिंह ने स्व सहायता समूह से लोन लेकर अपने एक साथी के साथ मिलकर गांव के पास 4 बीघा जमीन लीज पर ली थी। उस पर सब्जियों की खेती शुरू की थी। जब सब्जी की फसल पूरी तरह तैयार हो गई, तो ईश्वर सिंह का साथी गुड्डू खां के बीच विवाद होने लगा। गुड्डू खां ने ईश्वर सिंह को खेत पर नहीं आने दिया। अकेले खेत से सब्जी तोड़कर बेच रहा था। इसके चलते ईश्वर सिंह और उसका पूरा परिवार कर्ज से परेशान था। इसी के चलते पूरे परिवार ने जहर खाने का फैसला किया।
ईश्वर सिंह सुबह बाजार से जहर लाया और उसने परिवार के सभी सदस्यों से पूछा कि जहर कौन कौन खाना चाहता है। इसके साथ ही ईश्वर सिंह (40) ने जहर खा लिया। इसके तुरंत बाद उसकी उनकी बेटी खुशबू (16) ने भी जहर खा लिया। ईश्वर सिंह की पत्नी जब तक जहर खाती, उससे पहले ही बेटा जहर की पुड़िया लेकर भाग गया।



