दिव्यांगों के घर पर ही आधार बनाने को सीएस ने अभियान चलाने के दिए निर्देश, पोर्टल के माध्यम से हो जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण
मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में यूनिक आइडेंटीफिकेशन इंप्लीमेंटेशन कमिटी की बैठक आयोजित हुई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी लोगों विशेषकर बुजुर्ग एवं दिव्यांग व्यक्तियों का आधार बनवाए जाने के लिए अभियान चलाया जाए। मुख्य सचिव ने घर पर ही आधार बनाने के लिए योजना तैयार करने के निर्देश दिए। इसके लिए पारिश्रमिक अथवा मानदेय आदि के आधार पर क्षेत्र के युवाओं को रखकर इस काम को कराया जा सकता है। इससे जहां आधार सैचुरेशन प्लान पूर्ण होगा साथ ही स्थानीय युवाओं को रोजगार भी मिल सकेगा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)मुख्य सचिव ने आधार बनाने अथवा अपडेट कराए जाने से सम्बन्धित सभी संस्थाओं को सभी आधार किट्स के सुचारु संचालन के भी निर्देश दिए। उन्होंने पिछले 10 सालों से एक ही स्थान पर रहने वाले लोगों को भी आधार अपडेट किए जाने हेतु जागरूकता अभियान चलाए जाने के निर्देश दिए। इसका प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में भी प्रचार प्रसार किए जाने के निर्देश दिए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
मुख्य सचिव ने उत्तराखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में आधार वेरिफिकेशन लागू किए जाने हेतु सचिव कार्मिक को निर्देश दिए। कहा कि यह परीक्षाओं में धांधली रोकने में मददगार साबित होगा। उन्होंने कहा कि जिन विभागों की भारत सरकार अथवा राज्य सरकार द्वारा किसी भी प्रकार की सेवाओं, लाभ एवं सब्सिडी आदि में लाभार्थी के आधार नंबर की आवश्यकता पड़ती है, परंतु उन्होंने अभी तक इस सम्बन्ध में नोटिफिकेशन जारी नहीं किए हैं, शीघ्र करवा लें। इस अवसर पर सचिव शैलेश बगोली, बी. वी. आर. सी. पुरुषोत्तम एवं निदेशक आईटीडीए अमित सिन्हा सहित यूआईडीएआई के अधिकारी भी उपस्थित थे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
पोर्टल के माध्यम से अनिवार्य हो जन्म मृत्यु पंजीकरण
मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में जन्म – मृत्यु पंजीकरण के सम्बन्ध में राज्य की अंतर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों को जनगणना निदेशालय उत्तराखण्ड द्वारा दिए गए विभिन्न सुझावों के अनुपालन के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि जन्म – मृत्यु प्रमाणपत्रों में एकरूपता लाने के लिए इससे सम्बन्धित सभी विभागों द्वारा सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (सीआरएस) पोर्टल के माध्यम से ही जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण किया जाना अनिवार्य किया जाए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को इसके लिए शीघ्र शासनादेश जारी किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि इससे प्रमाणपत्रों में एकरूपता आने के साथ ही यह प्रमाण पत्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मान्य होगा, जिससे विदेश जाने हेतु पासपोर्ट वीजा आदि बनवाने में किसी प्रकार की समस्या नहीं आएगी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
मुख्य सचिव ने राज्य की अंतर्विभागीय समन्वय समिति के समान मण्डल एवं जनपद स्तरीय अंतर्विभागीय समन्वय समिति भी बनाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने जन्म मृत्यु पंजीकरण को अपणी सरकार पोर्टल के साथ ही सेवा का अधिकार में भी शामिल किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने जनगणना कार्य निदेशालय की निदेशक को सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (सीआरएस) पोर्टल के संचालन इत्यादि की ट्रेनिंग शीघ्र शुरू कराए जाने के निर्देश भी दिए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
मुख्य सचिव ने सभी सम्बन्धित विभागों को जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अनिवार्य रूप से किए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जानकारी के अभाव में पंजीकरण में देरी होने से प्रमाणपत्रों की आवश्यकता पड़ने पर आमजन को बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। प्रमाण पत्रों के अभाव में आमजन को समस्या न हो इसके लिए सिस्टम विकसित किया जाए ताकि सम्बन्धित विभागों द्वारा जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अनिवार्य रूप से किया जाए। इसमें लापरवाही बरतने वाले अधिकारी कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए एसीआर में देर से किए गए केसों को भी अंकित किया जाए। इस अवसर पर सचिव चंद्रेश कुमार यादव, निदेशक जनगणना कार्य निदेशालय शीतल वर्मा एवं सम्बन्धित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।



