कांग्रेस के संकल्प सत्याग्रह के बाद भाजपा के पतन की उल्टी गिनती शुरू: राजीव महर्षि
उत्तराखंड में वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पार्टी के प्रदेश मीडिया प्रभारी राजीव महर्षि ने कहा कि पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ एकजुटता व्यक्त करने के लिए रविवार को संकल्प सत्याग्रह से देशभर में पार्टी मजबूत हुई है। यह सत्याग्रह नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा सहित पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, पूर्व अध्यक्ष विधायक प्रीतम सिंह, गणेश गोदियाल की अगुवाई में विभिन्न स्थानों पर हुआ। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का मुंह बन्द करने की कोशिश के खिलाफ देश उठ खड़ा हुआ है। इसके साथ ही भाजपा के पतन की उल्टी गिनती भी शुरू हो गई है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के कांग्रेसजनों के साथ जनता ने भी इसकी पटकथा लिख दी है। रविवार को पूरे देश की भांति कांग्रेस के साथ उत्तराखंड की जनता ने भी अपनी राय जाहिर कर सीधा संदेश दे दिया कि लोकतंत्र को कुचलने की छूट किसी को नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने सिर्फ सवाल ही तो पूछा था, उन्हें लोकसभा से बेदखल करने की भाजपाई जितना प्रसन्न हो जाएं, उनकी प्रसन्नता ज्यादा देर तक टिकने वाली नहीं है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
राजीव महर्षि ने कहा कि सच यह है कि राहुल गांधी की बढ़ती लोकप्रियता को देख भाजपा डर गई है। इसी कारण वह भाजपा मनमानी पर उतर आई है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की सदस्यता रद्द कर भाजपा ने दिखा दिया है कि देश में लोकतंत्र नाम की कोई चीज शेष नहीं रह गई है। बीजेपी कांग्रेस से बुरी तरह डरी हुई है। इसलिए आवाज दबाने के लिए षडयंत्र रच रही है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
राहुल गांधी संसद में अपनी बात रखना चाहते वह गौतम अडानी पर स्पष्टता चाहते थे। क्योंकि भाजपा आरोप लगा रही थी कि विदेशों में राहुल गांधी ने देश को नीचा दिखाया है, लेकिन उनकी आवाज को दबाने के लिए लोकसभा सदस्यता रद्द करने का हथकंडा अपनाया गया। अदालत ने खुद उन्हें तीस दिन की मोहलत दी थी। उन्होंने कहा की राहुल गांधी ने कोई ऐसा काम नहीं किया, जिससे इतनी जल्दी उसकी सदस्यता रद्द कर दी जाए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि आज देश में महंगाई चरम सीमा पर है, लेकिन सरकार का ध्यान उसकी तरफ नहीं है। सिर्फ राहुल गांधी को टारगेट बनाया जा रहा है। क्योंकि आने वाले 2024 के चुनाव में राहुल गांधी की बढ़ती लोकप्रियता से भाजपा को सिंहासन छिन जाने का खतरा महसूस होने लगा था। उन्होंने कहा कि आज के संकल्प सत्याग्रह से यह सिद्ध हो गया है कि कांग्रेस नए सिरे से संघर्ष कर अहंकारी और जनविरोधी भाजपा को उखाड़ फेंक डालेगी। जनता के मुद्दों को उठाने के लिए कांग्रेस पार्टी प्रतिबद्ध है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
ये है प्रकरण
गौरतलब है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को 2019 में दर्ज ‘मोदी सरनेम’ वाले आपराधिक मानहानि के मामले में गुजरात के सूरत की जिला कोर्ट ने कल 23 मार्च को दोषी करार दे दिया है। साथ ही उन्हें दो साल की सजा सुनाई गई और हाथों हाथ बेल भी दे दी गई है। साथ ही उन्हें कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ 30 दिन की अपील का समय दिया गया है। राहुल गांधी ने कोर्ट में साफ कहा कि मैं माफी नहीं मांगूंगा। यह मामला राहुल गांधी की ओर से दिए गए ‘मोदी उपनाम’ संबंधी टिप्पणी से जुड़ा है। राहुल के खिलाफ यह मामला उनकी उस टिप्पणी को लेकर दर्ज किया गया है, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था-क्यों सभी चोरों का समान उपनाम मोदी ही होता है? इस मामले में जब फैसला सुनाया गया, तब कांग्रेस सांसद राहुल गांधी सूरत जिला न्यायालय में मौजूद रहे। इससे पहले उन्होंने कहा था कि कोई उन्हें जो सजा देगी, वो उन्हें मंजूर होगी। उन्हें ऊपरी अदालत में अपील करने के लिए 30 दिन की मोहलत देते हुए उनकी सजा को निलंबित किया था। अब लोकसभा सचिवालय ने राहुल गांधी की सदस्यता को रद्द कर दिया है।



