ग्राफिक एरा में बीटेक के नए सत्र का आगाज़, आने वाला समय सपनों को दिशा देने का: डॉ घनशाला
ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डॉ कमल घनशाला ने कहा कि आने वाले चार वर्ष केवल डिग्री हासिल करने के नहीं, बल्कि सपनों को दिशा देने, व्यक्तित्व को निखारने और नई पहचान बनाने के होंगे। डॉ घनशाला आज बीटेक के इंडक्शन प्रोग्राम को संबोधित कर रहे थे। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
आज ग्राफिक एरा में बीटेक के नए सत्र का आगाज़ हो गया है। देहरादून में आयोजित समारोह में डॉ कमल घनशाला ने छात्रों को अपने माता-पिता के संघर्ष व त्याग को न भूलने और उसे अपनी सबसे बड़ी प्रेरणा बनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि हर छात्र में एक विशिष्ट प्रतिभा होती है, जिसे पहचान कर निरंतर परिश्रम और सही दिशा के जरिये असाधारण सफलता में बदला जा सकता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
डॉ घनशाला ने कहा कि ग्राफिक एरा में शिक्षा केवल डिग्री या नौकरी तक सीमित नहीं है। यहां छात्रों को उद्योग, शोध, नवाचार और स्टार्टअप से जोड़कर ऐसे युवा तैयार किए जाते हैं, जो रोजगार खोजने वाले नहीं, बल्कि रोजगारों और नए अवसरों का सृजन करने वाले बनें। चेयरमैन डॉ कमल घनशाला ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से छात्रों और उनके अभिभावकों को ग्राफिक एरा के तीन दर्शकों के अधिक समय के सफ़र से जोड़ा। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
डॉ घनशाला ने विश्वविद्यालय में खेल और खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के इंतजामों का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्राफिक एरा के पांच छात्र-छात्राएं पिछले ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उन्होंने ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी से इस वर्ष बीटेक से 61.63 लाख रुपए तत के पैकेज पर प्लेसमेंट होने और अन्य उपलब्धियों की जानकारी दी। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने छात्र-छात्राओं को संतोषानंद की पंक्तियां सुनाकर हौंसला बढ़ाने व कठिन मेहनत के लिए प्रेरित किया-तुम साथ ना दो मेरा, चलना मुझे आता है, हर आग से वाकिफ हूं, जलना मुझे आता है, तदबीर के हाथों से, तक़दीर बनानी है…स्कूली जिंदगी से निकल कर विश्वविद्यालय में पहला कदम रखने वाले छात्र-छात्राओं को नए माहौल, नीतियों और रिवायतों से हंसते मुस्कुराते हुए जोड़ने के लिए यह इंडक्शन प्रोग्राम आयोजित किया गया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस प्रोग्राम में टीम आधारित गतिविधियों, इंटरएक्टिव टास्क और प्रेरक अभ्यासों के माध्यम से छात्र-छात्राओं ने एक दूसरे को जाना। नए माहौल को और नई जगह को लेकर उनकी झिझक पर माहौल में घुला उत्साह हावी नजर आया, जिसने उन्हें छोड़कर काफी हद तक सहजता बना दिया था। पूरे दिन कैंपस में नये छात्र छात्राओं के जोश और सुनहरे भविष्य की उम्मीदों से छात्र छात्राओं के चेहरे खिले रहे। इन सबने मिलकर उनके विश्वविद्यालय जीवन की शुरुआत को यादगार बना दिया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
नए छात्र-छात्राओं ने आज पहले दिन विश्वविद्यालय परिसर का भ्रमण कर अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं, लाइब्रेरी, खेल मैदान और अन्य सुविधाओं को देखा-समझा। नए मित्र बनाए, कैंटीन का आनंद लिया और कैंपस जीवन की नई शुरुआत की। छात्र-छात्राओं और अभिभावकों ने फोटो खींचकर इन यादों को हमेशा के लिए संजो लिया, जबकि अभिभावकों को विश्वविद्यालय की अनुशासित व्यवस्था, सुरक्षित वातावरण और शैक्षणिक संस्कृति ने अपनी पहली छाप छोड़ी।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।



