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May 19, 2026

पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना की अवधि छह माह बढ़ाने पर सीएम धामी ने पीएम मोदी का जताया आभार

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएम-जीकेएवाई) की अवधि 6 माह (अप्रैल से सितंबर, 2022 तक) और बढ़ाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएम-जीकेएवाई) की अवधि 6 माह (अप्रैल से सितंबर, 2022 तक) और बढ़ाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के इस निर्णय से से समाज के गरीब और कमजोर वर्गों के लोग लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि कोविड काल में गरीबों के लिए लागू की गयी यह योजना सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी योजनाओं में से एक है। अंत्योदय के लक्ष्य के साथ चलाई जा रही इस योजना ने उत्तराखंड सहित देश के सभी भागों में लोगों को भोजन की सुरक्षा सुनिश्चित की है।
गौरतलब है कि समाज के गरीब और कमजोर वर्गों के प्रति चिंता एवं संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएम-जीकेएवाई) की अवधि छह माह और यानी सितंबर 2022 (चरण VI) तक बढ़ा दी है। सरकारी प्रेस नोट के मुताबिक, पीएम-जीकेएवाई का चरण-V मार्च 2022 में समाप्त होने वाला था। उल्‍लेखनीय है कि पीएम-जीकेएवाई को अप्रैल 2020 से ही दुनिया के सबसे बड़े खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम के रूप में लागू किया जाता रहा है।
प्रेस नोट में कहा गया है कि सरकार ने अब तक लगभग 2.60 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं एवं अगले 6 महीनों में सितंबर 2022 तक 80,000 करोड़ रुपये और खर्च किए जाएंगे। इससे पीएम-जीकेएवाई के तहत कुल खर्च लगभग 3.40 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को छू जाएगा। इस योजना के तहत पूरे भारत में लगभग 80 करोड़ लाभार्थियों को कवर किया जाएगा और पहले की तरह ही इस योजना के लिए आवश्‍यक धनराशि का इंतजाम पूरी तरह से भारत सरकार द्वारा ही किया जाएगा।
सरकार के मुताबिक, भले ही कोविड-19 महामारी का प्रकोप काफी हद तक कम हो गया हो और देश में आर्थिक गतिविधियां निरंतर तेज गति पकड़ रही हों, लेकिन पीएम-जीकेएवाई की अवधि बढ़ाने से यह सुनिश्चित होगा कि आर्थिक रिकवरी के मौजूदा समय में कोई भी गरीब परिवार भूखा सोने पर विवश न हो। विस्तारित पीएम-जीकेएवाई के अंतर्गत, प्रत्येक लाभार्थी को एनएफएसए के तहत मिल रहे खाद्यान्न के अपने सामान्य कोटे के अलावा प्रति-व्यक्ति प्रति-माह, अतिरिक्त 5 किलो निःशुल्क राशन मिलेगा। इसका मतलब है कि प्रत्येक गरीब परिवार को सामान्य मात्रा से लगभग दोगुना राशन मिलेगा।
सरकार ने पीएम-जीकेएवाई के तहत चरण V तक लगभग 759 एलएमटी खाद्यान्न निःशुल्क आवंटित किया था। इस विस्तार (चरण VI) के तहत, 244 एलएमटी निःशुल्क खाद्यान्न के साथ, पीएम-जीकेएवाई के तहत निःशुल्क खाद्यान्न का कुल आवंटन अब 1,003 एलएमटी हो गया है। देश भर में लगभग 5 लाख राशन की दुकानों पर लागू ‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड’ (ओएनओआरसी) योजना के माध्यम से किसी भी प्रवासी श्रमिक या लाभार्थी द्वारा निःशुल्क राशन का लाभ उठाया जा सकता है। अब तक, इस योजना के तहत हुए 61 करोड़ से अधिक लेन-देन के जरिये लाभार्थियों को उनके घरों से दूर लाभ मिला है।
सदी की सबसे भीषण महामारी के बावजूद, सरकार द्वारा किसानों को अब तक के सबसे अधिक भुगतान के साथ, अनाजों की अब तक की सबसे अधिक सरकारी खरीद के कारण यह संभव हुआ है। कृषि क्षेत्र में इस रिकॉर्ड उत्पादन के लिए भारतीय किसान, यानि ‘अन्नदाता’- बधाई के पात्र हैं।

Bhanu Bangwal

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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।

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