मेरे दिल में बस तू ही तू चुपचाप बसा होता है। जैसे सबकी आँखों से छिपा कंजूस का धन होता...
नारी मंच
कुछ एक थे जो पुराने किस्सों में बर्बादी हमारी लिख गये आज उन किस्सों के कुछ हिस्सों को बयां करते...
मैं ख़ुश हूं बहुत कि अपनी ख़ुशी की, अब मैं स्वयं ही तलबगार हूं मुझे चाहत नहीं अब तेरे प्यार...
अक्षर साधकों की कल्पना , अक्सर धारण कर अंगवस्त्र शब्दों का। ओढ़ भावों की चुनरियाँ, भर लेती उपमान गगरिया, छलकाती...
वो कहते हैं जाना चाहता है कोई तो जाने दो ना तुम्हारे रोक देने से कुछ पल के लिए रुक...
जीवन सद्गुरु का आभार। मातपिता ने जन्म दिया है। गुरु ने सौंपा ज्ञानागार॥ पढ़ा लिखा गुणवान बनाया, दया धर्म का...
दोहा कर जोड़ी वंदन करूं, गुरु को शीश झुकाय। रामकथा तुमसे कहूं, हनुमत निकट बिठाय चौपाई सरयू तीरे है इक...
मन बहुत बैचैन है कुछ ऐसा ढूँढ रहा है जो खो गया है खोया क्या है ये मालूम नही जीवन...
ओ गुजरा हुआ जमाना आज, मुझे बहुत याद आ रहा है। बिछड़े हैं जो अपने मुझसे, ओ दौर याद आ...
