जब सरकार बड़ी है बेरोजगारी दूर होगी अब कैसे, डिग्रियां जब जेबों में पड़ी हैं। रोजगारी के सपने लेकर, आशा...
साहित्य जगत
हंसना सिखाया मुझे पहाड की इन वादियों ने रोना सिखाया दुनिया के दर्द ने जीना सिखाया गुरु की अनन्त प्रेरणा...
बढ़दि-घटदि हौंस-रौंस मुंड का बल जल़मि, य ज्वनि बढ़णीं च. खुटौं बटि बुढ़ापा ऐ, जिंदगी- ढऴणीं च.. मुंड-मुक-बरमंड-पैली ऐ ,...
जब से होश संभाला ग्वाणु दीदा उर्फ़ बैपारी भाई (व्यापारी भाई), मिस्त्री जी, उर्फ़ बाकि जी कई नामों से जाना...
कलियां, पुष्प और चन्द्र क्यों व्याकुल हृदय, तन वदन छूने को। कोमल कलियां हाथ गात लिए। पुष्प भी झुक गए,चन्द्र...
समय हूं मैं समय हूं मैं अच्छा था या बुरा, वक्त के साथ गुजर जाऊंगा। पर मुझे पता है, किसी...
आखिर ये वक्त बीत ही गया कोई खो गया कोई सो गया, कोई मिल गया, कोई रो गया। कोई जीत...
यह दक्खण पंथ भी देख लिया जी ! न चुनाव हुए - न राजा हारे, बिना जंग 'सूबे' दार हैं...
आदतें छोड़ी तो नहीं बर्फ ने पिघलना, लकड़ी ने जलना धरती ने उगलना बादल ने गरजना आदतें छोड़ी तो नहीं,...
मैं कवि नहीं मैं कवि नहीं फिर भी, कुछ मन की बातें लिख लेता हूं। कभी कभी कोरे पन्नों पर,...
