ले अद्दा त्यारु,अद्दा म्यारु, मिल बाँटी खौंला जमा फण्ड। सरकार तेरी,जनता मेरी, हम चलौंला उत्तराखंड। हम चलौंला उत्तराखंड।। हमन स्वाच...
साहित्य जगत
तानों के तीर तने हुए हैं। ख़तरा ग़ैरो से नहीं, अपनों से है। शिकवा नींदों से नहीं, सपनों से है।...
संसद पर हमला। सुरक्षा का मसला। आशंकित है फ़िर संसद का अमला। सुरक्षा का दावा फ़िर फुस्फुस निकला। संसद तो...
आस की डोर ममता के आदतन मजबूर मां ने रमाशंकर से कहा देखो रमा आज तुम्हारे भाई की तबियत खराब...
वक़्त ख़तों का अब रहा नहीं। ख़त लिखता कोई दिखा नहीं। रहता है सुबह से ख़तों का अब भी इंतज़ार...
कथाकुंज साहित्य सेवा परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सहित अन्य प्रकोष्ठ व प्रदेश पदाधिकारियों की घोषणा कर दी गई। परिषद के...
उनसे पराजय सही न जाए। हार का ठीकरा औरों पर। डूब का माजरा छोरों पर। उनसे सच बात कही न...
ज़ख्म नमक छिड़क रहे हैं पहाड़ भी अब दरक रहे हैं। सागर भी अब सरक रहे हैं। ज़ख्मों ने अब...
झूठ है आदमी पनौती है। नाकामी का ठीकरा औरों पर मत फोड़िए। दिलों का बढ़े फ़ासला आज ज़िक्र वो छोड़िए।...
मेघों की खिड़कियों से सूरज ताका-झांकी करता । धूप की फरिया लगे फटी सी। जाड़े से वह लुटी लुटी सी।...
