ग्राफिक एरा में ब्रह्मोस मिसाइल का अनावरण, राष्ट्रीय गर्व है ब्रह्मोस, आत्मनिर्भरता का प्रतीक: डा. जयतीर्थ
देहरादून स्थित ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के फुलस्केल मॉडल के भव्य अनावरण पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर ब्रह्मोस एयरोस्पेस के सीईओ एवं एमडी डा. जयतीर्थ आर. जोशी ने कहा कि ब्रह्मोस केवल एक मिसाइल नहीं, बल्कि राष्ट्रीय गर्व, एकता, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र की निरंतर बढ़ती शक्ति का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का अनावरण किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डा. जयतीर्थ आर. जोशी ने कहा कि ब्रह्मोस एक गौरवशाली ऐतिहासिक यात्रा का परिणाम है, जो पिछले ढाई दशकों से अधिक समय में वैज्ञानिकों, इंजीनियरों, शिक्षाविदों और तकनीकी विशेषज्ञों के संयुक्त प्रयासों की अद्भुत उपलब्धि है। उन्होंने इसे आत्मनिर्भर भारत अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए कहा कि ब्रह्मोस देश को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों तक ले जाने में अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि युवा केवल देश का भविष्य नहीं, बल्कि राष्ट्र की दिशा और नियति के वास्तविक निर्माता हैं। वही भविष्य की तकनीकों के विकासकर्ता बनकर देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की क्षमता रखते हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
डा. जोशी ने ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डा. कमल घनशाला की सराहना करते हुए कहा कि वे राष्ट्र सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं और छात्रों को उत्कृष्ट सुविधाएं व आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि डॉ घनशाला के ये प्रयास छात्रों को इंडस्ट्री के लिए तैयार करने के साथ-साथ उन्हें देश का प्रतिनिधित्व करने योग्य बना रहे हैं। उन्होंने सभी को देश की प्रगति में सक्रिय योगदान देने तथा भारत को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की शपथ दिलाई। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
ब्रह्मोस एयरोस्पेस के पूर्व सीईओ एवं एमडी और ग्राफिक एरा के मेंबर ऑफ एक्जीक्यूटिव काउंसिल डा. सुधीर कुमार मिश्रा ने ब्रह्मोस को गति, सटीकता और शक्ति का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह युवाओं को अपने लक्ष्यों के प्रति अनुशासन और दक्षता अपनाने की सीख देता है। उन्होंने छात्रों का आह्वान किया कि वे ज्ञान, नवाचार और कौशल को विकसित कर आत्मनिर्भर बनें, स्टार्टअप्स की दिशा में आगे बढ़ें और देश की प्रगति में सक्रिय योगदान दें। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशनस के चेयरमैन डा. कमल घनशाला ने कहा कि महान वैज्ञानिकों की पहचान सादगी, उच्च विचार, राष्ट्र के प्रति समर्पण और कार्य के प्रति जुनून से होती है। डीआरडीओ और इसरो जैसी संस्थान अपनी तकनीकी उत्कृष्टता से भारत का गौरव बढ़ाया है, जहां वैज्ञानिक निजी अवसरों से ऊपर उठकर राष्ट्र सेवा को प्राथमिकता देते हैं। ब्रह्मोस मिसाइल इसकी सर्वोत्तम मिसाल है, जिसने भारत की शक्ति को वैश्विक पहचान दिलाई है। उन्होंने कहा कि ग्राफिक एरा के छात्र इन संस्थानों में चयनित होकर एयरोस्पेस क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल कर रहे हैं। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कार्यक्रम में डा. कमल घनशाला ने मुख्य अतिथि डा. जयतीर्थ आर. जोशी एवं विशिष्ट अतिथि डा. सुधीर कुमार मिश्रा को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का आयोजन ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के एयरोपेस इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट ने किया। कार्यक्रम में ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के कुलपति डा. नरपिंदर सिंह, प्रो वीसी डा. संतोष एस सर्राफ, कुलसचिव डा. नरेश कुमार शर्मा, ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के कुलपति डा. अमित आर भट्ट, एयरोस्पेस इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के हेड डा. सुधीर जोशी, अन्य पदाधिकारी, शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।


