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August 31, 2026

बिलकिस बानो केस में दोषियों की रिहाई का परीक्षण करेगा सुप्रीम कोर्ट, गुजरात सरकार को नोटिस जारी

बिलकिस बानो मामले में दोषियों की रिहाई का सुप्रीम कोर्ट परीक्षण करेगा। गुरुवार को इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने गुजरात सरकार को नोटिस जारी की और पूरे मामले पर जवाब मांगा। साथ ही दोषियों को पक्षकार बनाने के निर्देश दिए। अब इस मामले में अगली सुनवाई दो हफ्ते बाद होगी। सुनवाई के दौरान कपिल सिब्बल ने सवाल किया कि 14 लोगों की हत्या और गर्भवती महिला से गैंगरेप के दोषियों को छोड़ दिया गया? हम चाहते हैं कि रिपोर्ट यहां मंगाई जाए और देखा जाए कि कमेटी ने कैसे रिहाई की सिफारिश की। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

इधर, दोषियों के वकील ने इसका विरोध किया और कहा कि याचिकाकर्ता तीसरा पक्ष हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को सभी दोषियों को पक्षकार बनाने के निर्देश दिए। साथ ही अब सुप्रीम कोर्ट बिलकिल के 11 दोषियों की रिहाई का परीक्षण करेगा। इस बाबत गुजरात सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

सुनवाई के दौरान जस्टिस अजय रस्तोगी ने कहा कि सवाल यह है कि गुजरात के नियमों के तहत दोषी छूट के हकदार हैं या नहीं? मैंने कहीं पढ़ा है कि लिखा था कि सुप्रीम कोर्ट ने रिहा करने का आदेश दिया था। लेकिन नहीं, हमने केवल गुजरात को कानून के अनुसार आगे बढ़ने के लिए कहा था। गौरतलब है कि साल 2002 के गुजरात दंगों के दौरान बिलकिस से सामूहिक बलात्कार किया गया था और उनके परिवार के सदस्यों की हत्या कर दी थी। बिलकिस के साथ गैंगरेप करने वाले 12 दोषियों को उम्र कैद की सजा सुनाई गई थी। उसमें से एक मुकद्दमे के दौरान मर गए और 11 लोगों को जेल भेजा गया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)

2008 में मुंबई की एक विशेष अदालत ने गैंगरेप और बिलकिस बानो के परिवार के सात सदस्यों की हत्या के मामले में दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हालांकि, बीते दिनों गुजरात एक कोर्ट ने सभी 11 दोषियों को एक ही दिन समय से पहले रिहा कर दिया, जिसके बाद विवाद शुरू हो गया। कोर्ट के फैसले पर नाराजगी जताते हुए बिलकिस ने बिना किसी डर के जीने का अधिकार मांगा था। ऐसे में कई सामाजिक संस्था आगे आए और मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया।

Bhanu Prakash

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भानु बंगवाल
मेल आईडी-bhanubangwal@gmail.com
भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।