विधानसभा भवन के सामने उत्तराखंड कांग्रेस का धरना, महिलाओं को 33 फीसद आरक्षण देने की मांग
उत्तराखंड की विधानसभा में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में देहरादून स्थित विधानसभा भवन के सामने धरना दिया गया। इस दौरान वक्ताओं ने बीजेपी पर महिला आरक्षण के नाम पर झूठ परोसने का आरोप लगाया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत गुरुवार को कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ ही काफी संख्या में एकत्र कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विधानसभा भवन के सामने एक दिवसीय धरना दिया और राज्य विधानसभा में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू किये जाने की मांग की। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, कांग्रेस की प्रदेश चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह, प्रदेश चुनाव प्रबन्धन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत, राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा, विधायक ममता राकेश, अनुपमा रावत, रवि बहादुर आदि ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का संचालन देहरादून महानगर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. जसविन्दर सिंह गोगी एवं ओम प्रकाश सती बब्बन ने संयुक्त रूप से किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि वर्ष 2023 में संसद के दोनों सदनों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने के लिए महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 विधेयक) पूर्ण बहुमत के साथ पारित किया गया था। भाजपा ने राजनैतिक मजबूरी में पारित किए गये विधेयक को लागू करने में आनाकानी शुरू कर दी। केंद्र की बीजेपी सरकार विधेयक के प्रावधानों में निर्धारित तिथि तक आरक्षण लागू करने के बजाय बिना जनगणना के मनमाना परिसीमन विधेयक संसद में ले आई। ऐसा करके जनता विशेष रूप से मातृशक्ति को गुमराह करने का काम किया जा रहा है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उन्होंने कहा कि यह भी सर्वविदित है कि पहली बार पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी स्थानीय निकायों में महिलाओं को आरक्षण देने सम्बन्धी विधेयक लाए थे। इसे नरसिम्हा राव सरकार ने पारित किया। आज उसी का नतीजा है कि देशभर की स्थानीय निकायों के माध्यम से देशभर में 15 लाख चुनी हुई महिला प्रतिनिधि हैं। महिलाओं के लिए राजनीति में जिस आरक्षण की परिकल्पना राजीव गांधी ने की थी, नारी शक्ति वंदन बिल के रूप में कांग्रेस पार्टी ने उस बिल का स्वागत किया। उसे बहुमत के साथ दोनों सदनों में पास कराने में सरकार का सहयोग किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि वर्ष 2008 में डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस पार्टी की सरकार ने महिला आरक्षण बिल को राज्यसभा में भारी बहुमत से पारित किया। इसके बाद इसे लोकसभा में रखने का प्रयास किया। तब भाजपा के सांसदों ने इसका घोर विरोध किया था, परन्तु राजनैतिक मजबूरी के चलते वर्ष 2023 में भाजपा को महिला आरक्षण बिल लाना पड़ा। कांग्रेस पार्टी ने भाजपा सरकार के इस फैसले का स्वागत एवं समर्थन किया। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
उत्तराखंड कांग्रेस की चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि विधानसभा एवं लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पारित होने के चार वर्ष बाद लागू होने की निश्चित तिथि 16 अप्रैल 2026 से पहले तक लागू न होने से देश की महिलायें अपने को उपेक्षित महसूस कर रही हैं। भाजपा के नेता एक सोची समझी चाल के साथ लगातार देश की जनता को गुमराह कर रहे हैं। अब देश की जनता भाजपा के झांसे में आने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा महिलाओं को बराबर का अधिकार देने के पक्ष में रही है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
डॉ. हरक सिह ने कहा कि देश की महिला शक्ति भाजपा को कभी माफ नहीं करेगी। बीजेपी वर्ष 2023 में पारित महिला आरक्षण अधिनियम, जो अब कानून बन चुका है, उसे लागू करने में आनाकानी कर रही है। देश की महिलाएं बीजेपी का झूठ समझ चुकी हैं। महिलाएं बीजेपी को इसके लिए कभी माफ नहीं करेगी। यदि वास्तव में बीजेपी महिलाओं के प्रति ईमानदार है तो महिला आरक्षण कानून को लागू किया जाए और 33 फीसद आरक्षण दिया जाए। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री नवप्रभात, कांग्रेस के प्रदेश कोषाध्यक्ष आर्येंद्र शर्मा, प्रदेश महामंत्री राजेंद्र भंडारी, नवीन जोशी, संजय पालीवाल, अश्विनी बहुगुणा, सुरेन्द्र रांगड़, महेन्द्र सिंह नेगी गुरू जी, कांग्रेस संचार कमेटी के राष्ट्रीय सचिव वैभव वालिया, पूर्व विधायक राजकुमार, उपेन्द्र थापली, प्रवक्ता डॉ प्रतिमा सिंह, पूर्व दर्जाधारी अजय सिंह, यशपाल चौहान, अमरेंद्र बिष्ट, राजेंद्र चौधरी, राकेश मियाँ, जिलाध्यक्ष संजय किशोर, विरेन्द्र पोखरियाल, अमरजीत सिंह, अनुज गुप्ता, प्रवक्ता गरिमा दसोनी, शीशपाल बिष्ट, पूर्व महानगर अध्यक्ष लाल चंद्र शर्मा, हेमा पुरोहित, पंकज क्षेत्री, पिया थापा, सूरत सिंह नेगी, दिनेष कौशल, मनीष नागपाल, विकास नेगी, पूनम कंडारी, सावित्री थापा, मोहन काला, आशा मनोरमा डोबरियाल, पुष्पा पंवार, ललित भद्री, अनुराधा तिवाड़ी, अमित गुप्ता, पिया थापा, गौरव अग्रवाल, संजय शर्मा, संजय अग्रवाल, सुनीत राठौर, रेखा कांडपाल, मोहन खत्री, सोनिया आनंद, आशीष नौटियाल, अजय रावत, संग्राम पुण्डीर, नितिन बिष्ट, प्रशांत खंडूरी, मनमोहन शर्मा, बलवीर पंवार, रितेश क्षेत्री, महेश जोशी, मंजू चौहान, सचिन टिचकुले, टीकाराम पाण्डेय आदि उपस्थित थे।
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Bhanu Bangwal
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भानु बंगवाल, देहरादून, उत्तराखंड।


