ये तो कमाल हो गयाः ग्राफिक एरा अस्पताल की उपलब्धि, ऑपरेशन के बिना 50 लोगों की अवरुद्ध आहार नली खोली
देहरादून स्थित ग्राफिक एरा के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बिना ऑपरेशन अवरुद्ध आहार नली खोलने के 50 मामलों में सफल उपचार का कीर्तिमान बनाया है। यह उपलब्धि गैस्ट्रोएंटरोलॉजी के हेड डॉ. सचिन देव मुंजाल के कुशल नेतृत्व में विशेषज्ञ टीम ने हासिल की है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
पीओईएमएस के नाम से जानी जाने वाली यह प्रक्रिया ऐक्लेशिया कार्डिया और आहारनली संबंधी अन्य बीमारियों का इलाज करने की एक आधुनिक एंडोस्कोपिक प्रक्रिया है। यह पारंपरिक सर्जरी की तुलना में बिना चीरा लगाए, कम दर्द देने वाली और मुंह के रास्ते एंडोस्कोप की सहायता से की जाती है। इस प्रक्रिया से मरीज जल्दी स्वस्थ होते हैं और उनके निगलने की क्षमता व जीवन की गुणवत्ता में सुधार आता है। (खबर जारी, अगले पैरे में देखिए)
डॉ. सचिन ने कहा कि पीओईएमएस के माध्यम से अब केवल लक्षणों को ही नहीं, बल्कि बीमारी की कार्यप्रणाली को भी ठीक करने पर ध्यान दिया जा रहा है। इस तकनीक से मरीज बहुत जल्दी सामान्य जीवन और खान-पान में लौट सकते हैं। डॉ. सचिन के नेतृत्व में ग्राफिक एरा अस्पताल का गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग उत्तर भारत के उन चुनिंदा केंद्रों में शामिल हो गया है जहां यह प्रक्रिया नियमित रूप से और उच्च सफलता दर के साथ की जा रही है।नोटः सच का साथ देने में हमारा साथी बनिए। यदि आप लोकसाक्ष्य की खबरों को नियमित रूप से पढ़ना चाहते हैं तो नीचे दिए गए आप्शन से हमारे फेसबुक पेज या व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ सकते हैं, बस आपको एक क्लिक करना है। यदि खबर अच्छी लगे तो आप फेसबुक या व्हाट्सएप में शेयर भी कर सकते हो। यदि आप अपनी पसंद की खबर शेयर करोगे तो ज्यादा लोगों तक पहुंचेगी। बस इतना ख्याल रखिए।



