स्वर्ग मिलेगा या नर्क अच्छे हमेशा काम करते रहो बुराईयां किसी की मत करो! करोगे प्रताड़ित लोगो को, फल मिलेगा...
Literature
बेरोजगारी की पीड़ा बेरोजगारी में दिन,चल्लौणा रौला। हम भी तुम भी रूणा रौला। अपणु मनख्ये जब सय्णा रौला। तब कन...
रेलगाड़ी के डब्बे की तरह मकानों की लाइन। सभी घर एक दूसरे से जुड़े हुए। 60 के दशक में किसी...
सारा जहां हमारा है। वो हर किनारा हमारा है।। ज़मीन की है कीमत । आसमान तो हमारा है।। समय समय...
बदलता पहाड़ सदियों की कहानी वो पनघट का। बदलती जवानी बदलती कहानी। खिलती हवाएँ और मिलती दुआएँ। लम्बी सी रातें...
माँ के चरणों मे होती जन्नत है ! अगर देदे आर्शीवाद तो हो जाती पूरी मन्नत है ! खुद ना...
असहनीय धोखेबाजी और नाराजगी का अधिकार नहीं जिम्मेदार कोई एक नहीं इसका ये एक पूरी व्यवस्था थी हर किसी का...
कहावत है कि जैसा करोगे संग, वैसा चढ़ेगा रंग। यानी व्यक्ति पर संगति का भी असर पड़ता है। अच्छे व्यक्तियों...
उत्तरायण की हर कहानी याद है वो हवा का इंतजार और सही छत की तलाश।। फिरकी पकड़ने के लिए करते...
मूर्धन्य साहित्यकार, पत्रकार, शिक्षाविद एवं समाजसेवी आदरणीय श्री सोमवारी लाल उनियाल 'प्रदीप' जी की नई काव्य कृति "बचे हैं शब्द...
